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देश का सबसे बड़ा IPO! रिलायंस जियो जुटाएगी ₹52,000 करोड़, सेबी से मिली राहत से घट सकता है साइज

 

Mumbai : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अपनी प्रमुख टेलीकॉम यूनिट Reliance Jio Infocomm Ltd. की IPO लिस्टिंग को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने विभिन्न बैंकों के साथ अनौपचारिक बातचीत शुरू कर दी है और इस महीने के अंत तक औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में Jio का IPO लॉन्च हो सकता है। रिलायंस नवंबर तक निवेश बैंकरों की नियुक्ति कर सकती है। यह IPO देश के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रिलायंस, जियो में लगभग 5% हिस्सेदारी बेचकर 52,200 करोड़ रुपये (करीब 6 अरब डॉलर) जुटाने की योजना पर काम कर रही है।

हालांकि, सेबी के संशोधित नियमों के चलते IPO का आकार घट सकता है। सेबी ने बड़ी कंपनियों को लिस्टिंग के समय कम से कम 2.5% हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दे दी है, जो पहले 5% थी। इसके चलते जियो का IPO अब लगभग 30,000 करोड़ रुपये तक सिमट सकता है। रिलायंस ने सेबी से अनुरोध करते हुए कहा है कि भारतीय बाजार में इतनी बड़ी हिस्सेदारी को एकसाथ समाहित करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी नहीं है। इसलिए कंपनी छोटी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है जिससे लिस्टिंग आसानी से हो सके और निवेशकों पर अधिक दबाव न पड़े।

अगर रिलायंस जियो का IPO 30,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का होता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के संभावित 28,000 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा। मुकेश अंबानी ने रिलायंस की AGM में जियो के आईपीओ का संकेत दिया था। अब जब बैंकिंग प्रक्रिया शुरू हो रही है, तो जियो की लिस्टिंग को लेकर बाजार में हलचल और उत्साह बढ़ गया है।

रिलायंस जियो का IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, लेकिन सेबी के नियमों और बाजार की लिक्विडिटी को देखते हुए इसका आकार लचीला रह सकता है।