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डॉलर के आगे रुपया धराशायी, 54 पैसे टूटकर रिकॉर्ड 96.35 के स्तर पर पहुंचा
 

 

नई दिल्ली: रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 54 पैसे की गिरावट के साथ अब तक के सबसे निचले स्तर 96.35 (अस्थायी) पर बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक अनिश्चितताओं और मजबूत डॉलर के दबाव के कारण घरेलू मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 96.19 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह और गिरकर *96.39* के स्तर तक पहुंच गया। अंत में 96.35 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 54 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

रुपया शुक्रवार को पहली बार 96 के स्तर को पार कर 95.81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।

एक्सपर्ट की राय

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, “मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी के कारण रुपये में कमजोर रुख बना रह सकता है। जारी वैश्विक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी भी रुपये पर दबाव डाल रही है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप और सोने-चांदी के आयात पर लगाए गए अंकुश निचले स्तर पर रुपये को कुछ समर्थन दे सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया 96 से 96.60 के दायरे में रह सकता है।

वैश्विक संकेत
- डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत गिरकर 99.14 पर रहा।
- अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.65 प्रतिशत बढ़कर 109.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव से वैश्विक बाजार की धारणा प्रभावित बनी हुई है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार दूसरे दिन शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने शुक्रवार को 1,329.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी और वैश्विक अनिश्चितताएं रुपये पर दबाव बनाए रखेंगी, हालांकि RBI के हस्तक्षेप पर नजरें टिकी हुई हैं।