SEBI का बड़ा फैसला: अब विदेश में रहकर भी करा सकेंगे KYC, 3 दिसंबर से लागू होगी नई व्यवस्था
अगर आप विदेश में रहते हैं और भारत में बैंकिंग या दूसरी वित्तीय सेवाओं का लाभ उठाने के लिए KYC करवाना चाहते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। अब KYC की प्रक्रिया पूरी करने के लिए सिर्फ भारत आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने NRI, OCI और विदेशी नागरिकों के लिए KYC प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र लोग विदेश में रहते हुए ही डिजिटल माध्यम से अपनी KYC पूरी कर सकेंगे। यह व्यवस्था 3 दिसंबर से लागू होने जा रही है।
इस फैसले से उन लोगों को काफी राहत मिलेगी, जिन्हें KYC से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए भारत आना पड़ता था। अब जरूरी जानकारी और दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि भारत आने-जाने में होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।
किन लोगों को मिलेगा नई व्यवस्था का फायदा?
SEBI की इस नई व्यवस्था का लाभ मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के लोगों को मिलेगा।
- **NRI:** ऐसे भारतीय नागरिक जो रोजगार, कारोबार या अन्य कारणों से विदेश में रहते हैं।
- **OCI:** भारतीय मूल के विदेशी नागरिक, जिनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है।
- **विदेशी नागरिक:** दूसरे देशों के नागरिक, जो भारत की वित्तीय सेवाओं से जुड़ने के लिए KYC करवाना चाहते हैं।
हालांकि, यह सुविधा सभी देशों में रहने वाले लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। इसका लाभ उन्हीं पात्र लोगों को मिलेगा, जो ऐसे देशों में रहते हैं जो FATF के निर्धारित मानकों का पालन करते हैं।
3 दिसंबर से क्या बदल जाएगा?
अब तक विदेश में रहने वाले कई लोगों के लिए KYC की प्रक्रिया पूरी करना आसान नहीं था। दस्तावेजों के सत्यापन और दूसरी औपचारिकताओं के लिए उन्हें कई बार भारत में मौजूद रहना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी।
लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र ग्राहक विदेश में बैठकर ही KYC से जुड़ी जानकारी और जरूरी दस्तावेज डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे। यानी सिर्फ KYC करवाने के लिए भारत आने की मजबूरी नहीं रहेगी।
कौन स्वीकार करेगा KYC के दस्तावेज?
नई व्यवस्था के तहत SEBI के साथ पंजीकृत मध्यस्थ (Registered Intermediaries) पात्र ग्राहकों से KYC से जुड़े दस्तावेज और जानकारियां डिजिटल माध्यम से स्वीकार कर सकेंगे।
इसमें वे वित्तीय संस्थान और मध्यस्थ शामिल होंगे, जिनके जरिए ग्राहक भारत में प्रतिभूति बाजार से जुड़ी सेवाओं का लाभ लेते हैं। इससे विदेश में रहने वाले ग्राहकों के लिए KYC की प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।
क्या KYC के लिए भारत में मौजूद रहना जरूरी होगा?
नहीं। इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यही है कि पात्र NRI, OCI और विदेशी नागरिकों को KYC पूरी करने के लिए भारत में शारीरिक रूप से मौजूद रहने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि, इसके लिए संबंधित देश को FATF के निर्धारित मानकों पर खरा उतरना होगा। साथ ही KYC की प्रक्रिया SEBI के पंजीकृत मध्यस्थ के माध्यम से ही पूरी करनी होगी।
कुल मिलाकर, SEBI का यह फैसला विदेश में रहने वाले भारतीयों और अन्य पात्र विदेशी निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे भारत की वित्तीय सेवाओं से जुड़ना आसान होगा और KYC के नाम पर होने वाली भागदौड़ भी कम हो सकती है।