Share Market Crash: 4 दिन में निवेशकों के ₹21 लाख करोड़ डूबे, सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बीएसई सेंसेक्स इस सप्ताह 1,605 अंक टूटा, जबकि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 20.78 लाख करोड़ रुपये घट गया। पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की तेजी ने बाजार की चिंता बढ़ाई।
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। दशहरा के कारण केवल चार कारोबारी सत्र होने के बावजूद बाजार में लगातार चारों दिन गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा। इसका असर कंपनियों के बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा और चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की संपत्ति करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये घट गई।
चार दिन में 20.78 लाख करोड़ रुपये घटा मार्केट कैप
शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत टूटकर 73,123.83 अंक पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 22,600 अंक पर बंद हुआ।
पूरे सप्ताह सेंसेक्स में 1,605.44 अंक यानी 2.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 16 अक्टूबर को 4,72,62,167.42 करोड़ रुपये था। अगले चार कारोबारी सत्रों में यह घटकर 4,51,83,393.14 करोड़ रुपये रह गया।
इस तरह कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 20,78,774.28 करोड़ रुपये की कमी आई। यानी चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की संपत्ति करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये घट गई।
पश्चिम एशिया संकट और महंगे कच्चे तेल से बढ़ी चिंता
बाजार में गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी प्रमुख वजहों में शामिल रहे। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में एसेट मैनेजमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय बाजारों में कमजोरी बने रहने की आशंका है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा भू-राजनीतिक जोखिम
सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कूटनीतिक बातचीत का ठप होना और ईरान की परमाणु तथा सैन्य संपत्तियों पर संभावित हमलों से जुड़ी खबरों ने भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिए हैं।
इस तनाव के बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 3 प्रतिशत की तेजी आई और यह 116.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में इस उछाल ने बाजार की चिंताओं को और बढ़ाया।
सोमवार से शुक्रवार तक बाजार में लगातार गिरावट
इस सप्ताह सोमवार को सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 22,888.95 अंक पर आ गया।
मंगलवार को दशहरा के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहे। बुधवार को कारोबार शुरू होने पर गिरावट जारी रही। सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 22,811.35 अंक पर आ गया।
गुरुवार को सेंसेक्स में 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 73,249.39 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत फिसलकर 22,687.65 अंक पर पहुंच गया।
शुक्रवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में फिर गिरावट दर्ज की गई। इस तरह चार कारोबारी दिनों में लगातार कमजोरी के साथ बाजार बंद हुआ और सप्ताह के दौरान निवेशकों की संपत्ति में करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।