नए साल से विदेश सामान भेजना होगा महंगा, DHL Express ने भारत में 8.9% तक बढ़ाए शिपमेंट चार्ज
New Delhi : नए साल से DHL Express के जरिए सामान और जरूरी दस्तावेज भेजने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। कंपनी ने भारत में अपनी शिपमेंट दरों में 8.9 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई दरें 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगी।
DHL Express के इस फैसले का असर खासतौर पर उन कारोबारियों पर पड़ सकता है, जो नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान भेजने के लिए कंपनी की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
क्यों बढ़ रही हैं शिपमेंट की दरें?
DHL Express के मुताबिक, कंपनी हर साल अपनी कीमतों की समीक्षा करती है। इस दौरान महंगाई, मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बढ़ती लागत जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।
कंपनी के परिचालन खर्च पर ईंधन और ऊर्जा की कीमतों, कर्मचारियों से जुड़ी लागत और प्रशासनिक खर्च का भी प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा अलग-अलग देशों में बदलते कस्टम, सुरक्षा और नियामकीय नियमों का पालन करने में होने वाला खर्च भी लॉजिस्टिक्स कंपनियों की लागत बढ़ाता है।
नेटवर्क और डिजिटल सुविधाओं में निवेश
DHL Express के साउथ एशिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट आरएस सुब्रमण्यम के मुताबिक, वार्षिक मूल्य समायोजन से कंपनी को ग्राहकों के लिए विश्वसनीय सेवाएं बनाए रखने में मदद मिलती है। कंपनी अपने वैश्विक नेटवर्क, डिजिटल सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण के अनुकूल लॉजिस्टिक्स समाधानों में निवेश जारी रखे हुए है।
कारोबारियों के लॉजिस्टिक्स बजट पर पड़ेगा असर
नई दरें लागू होने के बाद नियमित रूप से विदेश सामान भेजने वाले कारोबारियों को अपने लॉजिस्टिक्स बजट में अतिरिक्त खर्च का प्रावधान करना पड़ सकता है।
हालांकि, 8.9 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक शिपमेंट ठीक 8.9 प्रतिशत महंगा होगा। ग्राहक को वास्तव में कितना भुगतान करना होगा, यह चुनी गई सेवा, पैकेज के वजन, गंतव्य और उस पर लागू अन्य शुल्कों पर निर्भर करेगा।