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Claude AI का इस्तेमाल बायोवेपन और जासूसी में! Anthropic ने बताया AI के गलत इस्तेमाल का खतरनाक सच

Anthropic की नई रिपोर्ट में Claude AI के दुरुपयोग के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। कंपनी के मुताबिक लोगों ने AI का इस्तेमाल साइबर अटैक, जासूसी, मास सर्विलांस, प्रभाव अभियान, धोखाधड़ी, जैविक हथियारों और पारंपरिक हथियारों से जुड़ी गतिविधियों में करने की कोशिश की। कंपनी ने कई प्रयासों को रोक दिया।
 

Claude AI Misuse: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या कंटेंट तैयार करने तक सीमित नहीं रह गया है। इसका इस्तेमाल साइबर हमलों, जासूसी, निगरानी और यहां तक कि जैविक हथियारों से जुड़ी गतिविधियों में भी करने की कोशिश हो रही है। AI कंपनी Anthropic की नई थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में Claude AI के संभावित दुरुपयोग के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। कंपनी के मुताबिक, उसने ऐसे कई प्रयासों की पहचान कर उन्हें रोका है।

सात अलग-अलग क्षेत्रों में AI के दुरुपयोग की कोशिश

Anthropic की रिपोर्ट में Claude के दुरुपयोग को सात प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है। इनमें साइबर ऑपरेशन, प्रभाव और प्रचार अभियान, निगरानी, स्कैम और फ्रॉड, जैविक गतिविधियां, पारंपरिक हथियारों का विकास और AI मॉडल की डिस्टिलेशन जैसी गतिविधियां शामिल हैं। रिपोर्ट दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच सामने आए मामलों पर केंद्रित है।

कंपनी के अनुसार, कुछ मामलों में AI का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि कई चरणों वाली जटिल गतिविधियों को ज्यादा तेजी और बड़े पैमाने पर अंजाम देने के लिए किया गया।

बायोवेपन से जुड़ी कोशिशों ने बढ़ाई चिंता

रिपोर्ट का सबसे गंभीर हिस्सा जैविक हथियारों से जुड़ी गतिविधियों को लेकर है। Anthropic ने ऐसे कई मामलों की पहचान की, जिनमें लोगों ने Claude का इस्तेमाल संभावित जैविक हथियारों के विकास से जुड़ी जानकारी और काम में मदद लेने के लिए करने की कोशिश की।

एक मामले में मई 2026 में एक वैज्ञानिक ने चिकनगुनिया वायरस पर gain-of-function research के लिए ग्रांट आवेदन तैयार करने में Claude की मदद लेने की कोशिश की। Anthropic ने इसे जैविक क्षेत्र में सामने आए सबसे गंभीर मामलों में शामिल किया है।

रिपोर्ट में ऐसे प्रयासों का भी जिक्र है जिनमें क्लाउड का इस्तेमाल अन्य वायरस से जुड़े शोध के लिए किया गया। Anthropic के मुताबिक, कुछ उपयोगकर्ताओं ने उन जगहों से Claude तक पहुंचने के लिए कंपनी के नियंत्रणों को दरकिनार करने की कोशिश की, जहां सेवा उपलब्ध नहीं थी।

सरकारों और संगठनों पर निगरानी का भी आरोप

Anthropic ने अपनी रिपोर्ट में AI के इस्तेमाल से सर्विलांस और जासूसी से जुड़े मामलों को भी शामिल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सरकारी या राज्य-समर्थित गतिविधियों में Claude का इस्तेमाल लोगों, राजनीतिक विरोधियों और अन्य लक्ष्यों की निगरानी से जुड़े कामों में करने की कोशिश की गई।

कंपनी का कहना है कि कुछ मामलों में ऐसे अकाउंट और गतिविधियां सामने आने के बाद उन्हें ब्लॉक किया गया।

साइबर अटैक में AI की बढ़ती भूमिका

रिपोर्ट में साइबर ऑपरेशन को भी एक बड़ा खतरा बताया गया है। Anthropic के मुताबिक, हमलावर AI एजेंट्स का इस्तेमाल नेटवर्क की जानकारी जुटाने, सिस्टम में कमजोरियां तलाशने, डेटा हासिल करने और उसे प्रोसेस करने जैसे कई कामों में कर रहे हैं।

इसका सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले जहां साइबर हमले के लिए कई लोगों और अलग-अलग चरणों की जरूरत होती थी, वहीं AI एजेंट इन प्रक्रियाओं को ज्यादा तेजी से जोड़ सकते हैं। इससे कम संसाधनों वाले हमलावरों के लिए भी जटिल साइबर गतिविधियां करना आसान हो सकता है।

हथियार बनाने में भी Claude के इस्तेमाल की कोशिश

Anthropic ने बताया कि चीन, रूस और यमन से जुड़े कुछ मामलों में Claude का इस्तेमाल पारंपरिक हथियारों के विकास से जुड़ी गतिविधियों में करने की कोशिश की गई। इनमें मिसाइल, सशस्त्र ड्रोन और बम जैसे हथियारों से संबंधित काम शामिल थे।

एक मामले में ईरान समर्थित हूती समूह से जुड़े लोगों द्वारा एक गाइडेड रॉकेट की लॉन्चिंग में आई समस्या को समझने के लिए AI की मदद लेने की बात भी सामने आई।

Anthropic ने कई कोशिशों को बीच में रोका

कंपनी का कहना है कि उसने इन गतिविधियों की पहचान करने के बाद संबंधित अकाउंट्स और ऑपरेशन को बाधित किया। Anthropic ने कहा कि रिपोर्ट का उद्देश्य सिर्फ खतरों को गिनाना नहीं, बल्कि यह दिखाना भी है कि AI कंपनियां किस तरह ऐसे दुरुपयोग की पहचान और रोकथाम कर रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि जैसे-जैसे AI मॉडल ज्यादा सक्षम और एजेंटिक होते जा रहे हैं, उनके दुरुपयोग का संभावित दायरा भी बढ़ रहा है।

AI की क्षमता बढ़ने के साथ सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

Claude के इन मामलों से एक बड़ा सवाल यह उठता है कि AI को ज्यादा सक्षम बनाने के साथ उसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। Anthropic पहले भी AI के परमाणु और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में दुरुपयोग के जोखिम पर काम कर चुका है और Claude ट्रैफिक में जोखिम वाली गतिविधियों की पहचान के लिए विशेष सिस्टम विकसित कर चुका है।

नई रिपोर्ट का सबसे अहम संदेश यही है कि AI का खतरा सिर्फ मॉडल के अपने व्यवहार तक सीमित नहीं है। अगर शक्तिशाली AI टूल गलत लोगों के हाथ में पहुंचते हैं, तो उनका इस्तेमाल साइबर अपराध से लेकर जासूसी, हथियार और जैविक खतरों तक कई क्षेत्रों में किया जा सकता है।