सावधान! ATM से पैसे निकालने के बाद भूलकर भी न छोड़े स्लिप, वरना हो सकते है साइबर फ्रॉड का शिकार
आज के समय में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन लेनदेन के साथ-साथ ATM से पैसे निकालते समय भी सतर्क रहना जरूरी है। कई लोग कैश निकालने के बाद ATM की स्लिप वहीं छोड़ देते हैं या उसे मशीन में ही छोड़ देते हैं। भले ही इस स्लिप से सीधे आपके बैंक खाते से पैसे नहीं निकाले जा सकते, लेकिन इसमें दर्ज कुछ जानकारी का इस्तेमाल ठग आपको निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं।
ATM स्लिप में कौन-कौन सी जानकारी होती है?
ATM से निकलने वाली स्लिप पर बैंक और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कुछ जानकारी दर्ज हो सकती है, जैसे—
- बैंक का नाम
- ATM की जानकारी या लोकेशन
- पैसे निकालने की तारीख और समय
- निकाली गई रकम
- ट्रांजैक्शन या रेफरेंस नंबर
- बैंक खाते के आखिरी कुछ अंक
इन जानकारियों को अकेले देखकर कोई सीधे आपके खाते से पैसे नहीं निकाल सकता, लेकिन ठग इनका इस्तेमाल सोशल इंजीनियरिंग या फर्जी बैंक कॉल के जरिए अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश में कर सकते हैं।
ठग कैसे कर सकते हैं आपको फोन?
मान लीजिए किसी ठग के हाथ आपकी ATM स्लिप लग गई। वह उसमें मौजूद जानकारी के आधार पर आपको फोन करके खुद को बैंक कर्मचारी बता सकता है। इसके बाद वह आपके बैंक खाते से जुड़ी किसी समस्या का बहाना बनाकर OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी मांग सकता है।
ध्यान रखें, बैंकिंग से जुड़ी ऐसी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
ATM स्लिप का क्या करें?
स्लिप ATM पर न छोड़ें: कैश निकालने के बाद स्लिप अपने साथ लेकर जाएं।
जरूरत न हो तो नष्ट कर दें: स्लिप को फाड़कर छोटे-छोटे टुकड़ों में फेंकना बेहतर है।
PIN डालते समय कीपैड ढकें: ATM में PIN डालते वक्त हाथ से कीपैड को ढककर रखें, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति या संदिग्ध कैमरा इसे रिकॉर्ड न कर सके।
अनजान व्यक्ति की मदद से बचें: ATM में कोई परेशानी आने पर वहां मौजूद अनजान लोगों की मदद लेने के बजाय बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या शाखा से संपर्क करें।
दूसरे की स्लिप न उठाएं: ATM के पास पड़ी किसी अन्य व्यक्ति की स्लिप को न उठाएं और न ही उसमें दर्ज जानकारी देखने की कोशिश करें।
सिर्फ कैश नहीं, अपनी जानकारी भी सुरक्षित रखें
ATM से पैसे निकालते समय सावधानी सिर्फ PIN तक सीमित नहीं है। ATM स्लिप, कार्ड की जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स को भी सुरक्षित रखना जरूरी है। याद रखें, बैंक या कोई भरोसेमंद वित्तीय संस्था आपसे OTP, PIN या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी मांगकर सत्यापन नहीं करती। छोटी-सी सावधानी आपको साइबर ठगी के बड़े नुकसान से बचा सकती है।