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Digital Lock: आग लगने पर क्यों फेल हो जाते हैं स्मार्ट सिस्टम? जानें बचाव के जरूरी उपाय
 

 

राजधानी लखनऊ के एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने डिजिटल सुरक्षा सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच और रिपोर्ट्स के अनुसार, इमारत में लगी आग के दौरान डिजिटल ऑटो-लॉक सिस्टम और बिजली सप्लाई फेल होने के बाद मुख्य दरवाजा जाम हो गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया।

दावा किया जा रहा है कि इस हादसे में कई मासूम बच्चों की भी जान गई, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मौतों की संख्या और कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही सामने आएगी। बताया यह भी जा रहा है कि इमारत के पास फायर एनओसी (NOC) मौजूद नहीं थी, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल और गहरा गए हैं।

आग के दौरान कैसे फेल हुआ सिस्टम?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग लगते ही या तो बिजली सप्लाई बंद हो गई या शॉर्ट सर्किट के कारण पूरा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम ठप पड़ गया। डिजिटल लॉक सिस्टम उसी स्थिति में अटक गया, जिसमें वह अंतिम बार था, जिससे दरवाजा खुल नहीं सका।

तेज धुएं और बढ़ते तापमान ने स्थिति को और भयावह बना दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में कई बार इलेक्ट्रॉनिक ही नहीं, बल्कि सामान्य दरवाजों के मैकेनिकल लॉक भी फैलकर जाम हो जाते हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित होता है।

क्या स्मार्ट लॉक पूरी तरह सुरक्षित हैं?

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सभी स्मार्ट लॉक खतरनाक नहीं होते, लेकिन कम गुणवत्ता या बिना सुरक्षा मानकों वाले लॉक आपात स्थिति में जोखिम बढ़ा सकते हैं। कई सस्ते मॉडल्स में फायर सेफ्टी बैकअप या मैन्युअल ओवरराइड सिस्टम नहीं होता, जिससे बिजली या सिस्टम फेल होने पर दरवाजा लॉक रह जाता है।

वहीं, उच्च गुणवत्ता वाले स्मार्ट लॉक में फिजिकल की बैकअप, इमरजेंसी अनलॉक सिस्टम, बैटरी अलर्ट और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन जैसे फीचर्स मौजूद होते हैं, जो ऐसे हादसों में मददगार साबित हो सकते हैं।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

इस तरह की घटनाओं ने पहले भी चिंता बढ़ाई है। मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए एक हादसे का उदाहरण दिया जा रहा है, जहां आग लगने के दौरान मुख्य दरवाजे पर लगे डिजिटल लॉक और बाहरी गेट के ताले ने रेस्क्यू कार्य को प्रभावित किया था।

सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। किसी भी भवन में सुरक्षा के लिए निम्न बातों का ध्यान जरूरी है—

  • फिजिकल की (चाबी) का बैकअप होना चाहिए
  • अंदर से मैन्युअल एग्जिट की सुविधा अनिवार्य हो
  • फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन वाले लॉक ही लगाए जाएं
  • इमरजेंसी पावर/अनलॉक सिस्टम मौजूद हो
  • समय-समय पर सिस्टम की जांच की जाए

निष्कर्ष

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आधुनिक तकनीक सुविधा तो देती है, लेकिन बिना सुरक्षा मानकों के वही तकनीक खतरे का कारण भी बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट सुरक्षा सिस्टम अपनाते समय पारंपरिक इमरजेंसी विकल्पों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।