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Instagram पर AI Profile को लेकर बड़ा बदलाव, AI प्रोफाइल छिपाई तो Reach होगी कम, Recommendations से होंगे बाहर

Instagram ने AI-generated लोगों वाले प्रोफाइल के लिए अपनी नीति सख्त कर दी है। ‘AI creator’ लेबल का नाम अब ‘AI-generated profile’ होगा। पहचान छिपाने वाले AI प्रोफाइल की Reach सीमित की जा सकती है और वे recommendations से बाहर हो सकते हैं। हालांकि सामान्य AI editing इस्तेमाल करने वालों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
 

Instagram पर अब AI से बनाए गए नकली इंसानी प्रोफाइल चलाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। Meta के स्वामित्व वाले Instagram ने AI-generated लोगों पर आधारित प्रोफाइल को लेकर अपनी नीति सख्त कर दी है। प्लेटफॉर्म ने मौजूदा ‘AI creator’ लेबल का नाम बदलकर ‘AI-generated profile’ करने का फैसला किया है। साथ ही, AI से तैयार इंसान की पहचान छिपाने वाले प्रोफाइल की पहुंच सीमित की जा सकती है।

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर AI से बनाए गए ऐसे चेहरे और प्रोफाइल तेजी से बढ़ रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल वास्तविक लगते हैं। कई मामलों में यूजर्स के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सामने दिख रहा व्यक्ति असली है या AI से बनाया गया है।

क्यों बदला गया ‘AI creator’ लेबल?

Instagram ने मई में नियमित रूप से AI-generated कंटेंट पोस्ट करने वाले अकाउंट्स के लिए ‘AI creator’ लेबल की टेस्टिंग शुरू की थी। उस समय यह लेबल वैकल्पिक था और Instagram ने कहा था कि इसे इस्तेमाल करने से प्रोफाइल या पोस्ट की पहुंच पर असर नहीं पड़ेगा।

अब प्लेटफॉर्म ने AI-generated लोगों पर आधारित प्रोफाइल के मामले में ज्यादा सख्त रुख अपनाया है। Instagram का कहना है कि नए ‘AI-generated profile’ नाम का मकसद यूजर्स के लिए स्थिति को ज्यादा स्पष्ट करना है।

दरअसल, यूजर्स की ओर से ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि कोई प्रोफाइल देखने में वास्तविक व्यक्ति का लगता है, लेकिन बाद में पता चलता है कि उसमें दिख रहा व्यक्ति पूरी तरह AI से बनाया गया है।

AI प्रोफाइल की पहचान छिपाई तो Reach पर असर

नई व्यवस्था के तहत AI-generated व्यक्ति पर आधारित प्रोफाइल चलाने वाले क्रिएटर्स से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अकाउंट पर यह लेबल खुद लगाएंगे। लेबल सक्रिय होने के बाद यह प्रोफाइल पर दिखाई देगा। अगर किसी पोस्ट पर पहले से AI से संबंधित खुलासा नहीं है, तो प्रोफाइल का लेबल उसके कंटेंट के साथ भी दिख सकता है।

सबसे अहम बदलाव यह है कि अगर Instagram किसी प्रोफाइल को AI-generated लोगों पर आधारित पाता है और वहां इसकी जानकारी नहीं दी गई है, तो उस अकाउंट की रीच सीमित की जा सकती है।

कुछ मामलों में ऐसे प्रोफाइल Instagram की recommendation में दिखाई देने के लिए अयोग्य भी हो सकते हैं। यानी अकाउंट प्लेटफॉर्म पर मौजूद रह सकता है, लेकिन नए यूजर्स तक पहुंचना उसके लिए काफी मुश्किल हो सकता है।

हर AI इस्तेमाल करने वाले को लेबल लगाने की जरूरत नहीं

Instagram ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था हर उस क्रिएटर पर लागू नहीं होगी जो किसी न किसी रूप में AI का इस्तेमाल करता है।

अगर कोई व्यक्ति AI की मदद से फोटो एडिट करता है, कैप्शन बेहतर बनाता है, ग्राफिक्स तैयार करता है या अपनी रचनात्मक प्रक्रिया में AI टूल का इस्तेमाल करता है, तो उसे ‘AI-generated profile’ लेबल लगाने की जरूरत नहीं होगी।

यह नियम खास तौर पर उन प्रोफाइल पर केंद्रित है जिनमें दिखाई देने वाला व्यक्ति खुद AI-generated है।

गलती से Reach कम हुई तो Appeal का Option

Instagram की ओर से किसी प्रोफाइल की Reach सीमित किए जाने की स्थिति में क्रिएटर के पास दो विकल्प होंगे। वह अपने अकाउंट पर AI-generated profile लेबल जोड़ सकता है या फिर अगर उसे लगता है कि Instagram ने गलत पहचान की है तो Account Status के जरिए फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है।

AI-generated influencers के तेजी से वास्तविक दिखने के दौर में Instagram का यह बदलाव डिजिटल पहचान और पारदर्शिता को लेकर अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यूजर्स के लिए यह पहचानना और जरूरी होगा कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाला प्रोफाइल किसी वास्तविक व्यक्ति का है या AI से तैयार किया गया डिजिटल किरदार।