सिर्फ कॉलिंग और SMS चाहिए? TRAI का नया नियम, अब डेटा के लिए नहीं देना होगा पैसा
अगर आप मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं और डेटा की जरूरत नहीं पड़ती, तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को अब बिना डेटा वाले Voice और SMS-only रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने होंगे। यह व्यवस्था 21 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रही है।
इसका सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती, लेकिन मौजूदा प्लान में डेटा शामिल होने के कारण उन्हें उसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। नए नियम के दायरे में Jio, Airtel और Vi जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां भी शामिल हैं।
30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले प्लान में मिलेगा विकल्प
TRAI के निर्देश के मुताबिक, 30 दिन या उससे कम वैधता वाले उन रिचार्ज प्लान के Voice और SMS-only विकल्प उपलब्ध कराने होंगे, जिन्हें कंपनियां आम तौर पर डेटा के साथ पेश करती हैं।
इसके साथ ही इन रिचार्ज की वैधता को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। ऐसे प्लान हर महीने एक निश्चित तारीख पर रिन्यू होंगे। अगर किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं है, जैसे 31 तारीख, तो उस महीने के आखिरी दिन रिन्यूअल माना जाएगा।
इसके अलावा टेलीकॉम कंपनियों को लंबी वैधता वाला कम से कम एक Voice और SMS-only प्लान भी अपने पोर्टफोलियो में रखना होगा।
ग्राहकों की शिकायतों के बाद सख्त हुआ TRAI
TRAI ने दिसंबर 2024 में भी कंपनियों को 365 दिन तक की वैधता वाला कम से कम एक Voice और SMS-only प्लान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, नियामक के मुताबिक कंपनियों की ओर से छोटे और कम कीमत वाले विकल्प पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए।
कई कंपनियों ने 80-84 दिन या 336-365 दिन की वैधता वाले सीमित प्लान पेश किए, लेकिन कम अवधि के किफायती विकल्पों की कमी बनी रही। डेटा हटाने के बावजूद कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं होने की शिकायतें भी सामने आईं।
इसके बाद TRAI ने अप्रैल 2026 में नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया। लंबी सलाह-मशविरा प्रक्रिया के बाद अब इन प्रावधानों को अंतिम रूप दिया गया है।
कंपनियों की कमाई और डेटा इस्तेमाल का क्या है आंकड़ा?
TRAI के आंकड़ों के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों की प्रति GB डेटा से होने वाली औसत कमाई मार्च 2025 में 9.11 रुपये थी, जो मार्च 2026 में घटकर 7.51 रुपये प्रति GB रह गई। वहीं, इसी अवधि में प्रति यूजर औसत राजस्व यानी ARPU 183 रुपये से बढ़कर 196.04 रुपये हो गया।
परामर्श के दौरान टेलीकॉम कंपनियों ने फिक्स्ड प्राइस कट को लेकर अपनी चिंताएं भी जाहिर की थीं। कंपनियों का कहना था कि टैरिफ तय करना उनके व्यावसायिक अधिकार का हिस्सा है। कुछ कंपनियों ने यह आशंका भी जताई कि बेहद सस्ते और कम अवधि वाले प्लान से स्पैम कॉल और टेलीमार्केटिंग जैसी गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, TRAI ने ग्राहकों के हित को ध्यान में रखते हुए कंपनियों को डेटा हटाए जाने के अनुरूप उचित और तर्कसंगत कीमत तय करने का निर्देश दिया है।
बुजुर्गों और सेकेंडरी सिम यूजर्स को भी फायदा
नए नियम का फायदा खास तौर पर उन लोगों को मिल सकता है, जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत कम या बिल्कुल नहीं होती। इनमें फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले, कई वरिष्ठ नागरिक और ऐसे ग्राहक शामिल हैं जो सेकेंडरी सिम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल, इनकमिंग या बैंक OTP के लिए करते हैं।
ऐसे ग्राहकों को अब डेटा वाले महंगे बंडल की जगह अपनी जरूरत के मुताबिक केवल कॉलिंग और SMS वाला विकल्प चुनने का मौका मिलेगा।
क्या पुराने डेटा वाले प्लान बंद हो जाएंगे?
नहीं नए नियमों के लागू होने के बाद मौजूदा कॉलिंग, SMS और डेटा वाले प्लान बंद नहीं होंगे। स्मार्टफोन यूजर्स के लिए डेटा बंडल वाले रिचार्ज पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे। कंपनियों को इनके साथ Voice और SMS-only विकल्प भी उपलब्ध कराने होंगे।
क्या बिना डेटा वाले प्लान की कीमत आधी करनी होगी?
TRAI ने कीमत में किसी निश्चित प्रतिशत की कटौती का फॉर्मूला तय नहीं किया है। हालांकि, कंपनियों को डेटा सुविधा हटाने के बाद कीमत में उचित और तर्कसंगत कमी करने के निर्देश दिए गए हैं।
21 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इन नियमों के बाद मोबाइल ग्राहकों के पास अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज चुनने के ज्यादा विकल्प होंगे।