OTP स्कैम और फेक मैसेज पर लगेगी रोक, भारत में मैसेजिंग सिक्योरिटी का ‘ग्लोबल फर्स्ट’ मॉडल
Mumbai : भारत में मोबाइल यूजर्स को स्पैम, फ्रॉड और अनचाहे मैसेज से बचाने के लिए भारती एयरटेल और गूगल ने बड़ी साझेदारी की घोषणा की है। दोनों कंपनियों ने मिलकर Rich Communication Services (RCS) मैसेजिंग को और सुरक्षित बनाने का फैसला किया है, जिसमें एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस को गूगल के RCS प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा। यह कदम गूगल मैसेजेस ऐप के जरिए लाखों एंड्रॉयड यूजर्स को बेहतर और सुरक्षित मैसेजिंग अनुभव प्रदान करेगा।
एडवांस फीचर्स के साथ RCS मैसेजिंग
इस पार्टनरशिप के तहत यूजर्स को RCS के एडवांस फीचर्स मिलेंगे, जैसे हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो शेयरिंग, मैसेज पर रिएक्शन देना और इंटरैक्टिव चैटिंग। ये सभी सुविधाएं गूगल मैसेजेस ऐप (जो ज्यादातर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल होता है) के माध्यम से उपलब्ध होंगी। कंपनी का दावा है कि यह RCS मैसेजिंग को ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाएगा, लेकिन साथ ही सुरक्षा पर भी पूरा जोर दिया जाएगा।
स्पैम और फ्रॉड पर कड़ी नकेल
एयरटेल और गूगल ने AI-पावर्ड स्पैम डिटेक्शन और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया है। बिजनेस सेंडर्स की पहचान टेलीकॉम-बेस्ड वेरिफिकेशन से की जाएगी, ताकि फर्जी कंपनियां मैसेज न भेज सकें। यूजर्स की Do Not Disturb (DND) प्राथमिकताओं का सम्मान किया जाएगा, जिसमें प्रमोशनल और ट्रांजेक्शनल मैसेज को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाएगा। संदिग्ध लिंक, हानिकारक कंटेंट और पहले से ब्लैकलिस्टेड सेंडर्स के मैसेज को रीयल-टाइम में फिल्टर किया जाएगा।
एयरटेल ने पिछले 1.5 साल में AI-पावर्ड इनिशिएटिव्स से 71 अरब स्पैम कॉल्स और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं, जिससे नेटवर्क पर फाइनेंशियल लॉस में 68.7% की कमी आई है। अब यह सुरक्षा RCS जैसे OTT मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंचाई जा रही है, जो एक ग्लोबल फर्स्ट माना जा रहा है।
कंपनियों के अधिकारी क्या कहते हैं?
एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि हम लंबे समय से AI और स्मार्ट नेटवर्क के जरिए स्पैम पर लगाम लगा रहे हैं। गूगल के साथ यह साझेदारी रिच मैसेजिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाने का अहम कदम है। इससे ब्रांड्स और कस्टमर्स के बीच गहरा जुड़ाव बनेगा, और यूजर्स ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे।
गूगल के एंड्रॉयड इकोसिस्टम प्रेसिडेंट समीर समत ने कहा कि यह पहल भारत के मोबाइल यूजर्स को ज्यादा भरोसे के साथ संवाद करने में मदद करेगी। हम अन्य टेलीकॉम कंपनियों के साथ भी मैसेजिंग सुरक्षा को मानकीकृत करने पर काम जारी रखेंगे।
क्या है महत्व?
भारत में डिजिटल फ्रॉड और स्पैम की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर OTP स्कैम्स और फेक बिजनेस मैसेजेस के कारण। यह साझेदारी RCS को मजबूत बनाकर एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक सुरक्षित अल्टरनेटिव पेश करेगी। एयरटेल ने अन्य OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे मेटा, टेलीग्राम और सिग्नल को भी इसी तरह सहयोग करने की अपील की है ताकि पूरे इकोसिस्टम में सुरक्षा बढ़ सके।