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फोन की स्क्रीन के लिए क्या बेहतर? टेम्पर्ड ग्लास या प्लास्टिक प्रोटेक्टर, जानिए कौन है सही विकल्प

 

Varanasi : आज के समय में स्मार्टफोन हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। चाहे फोन महंगा हो या बजट सेगमेंट का, उसकी स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर का इस्तेमाल लगभग हर कोई करता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि प्लास्टिक स्क्रीन प्रोटेक्टर बेहतर है या टेम्पर्ड ग्लास? आइए जानते हैं दोनों में क्या फर्क है और विशेषज्ञ टेम्पर्ड ग्लास को क्यों बेहतर मानते हैं।

टच एक्सपीरियंस रहता है बेहतर

टेम्पर्ड ग्लास की सतह काफी स्मूद होती है, जिससे फोन का टच रिस्पॉन्स लगभग ओरिजिनल स्क्रीन जैसा महसूस होता है। वहीं प्लास्टिक प्रोटेक्टर समय के साथ खुरदरे हो जाते हैं, जिससे स्क्रीन इस्तेमाल करने का अनुभव प्रभावित होता है।

जेब में रखी चाबियां, सिक्के या अन्य धातु की चीजें फोन की स्क्रीन पर खरोंच डाल सकती हैं। टेम्पर्ड ग्लास ज्यादा हार्ड होने के कारण स्क्रीन को बेहतर सुरक्षा देता है, जबकि प्लास्टिक प्रोटेक्टर जल्दी घिस जाते हैं और उन पर स्क्रैच साफ दिखाई देने लगते हैं।

गिरने पर स्क्रीन बचाने में मददगार

टेम्पर्ड ग्लास को विशेष हीट-ट्रीटमेंट प्रक्रिया से बनाया जाता है, जिससे यह सामान्य ग्लास की तुलना में अधिक मजबूत होता है। फोन गिरने की स्थिति में यह झटका अपने ऊपर ले लेता है और असली स्क्रीन को टूटने से बचाने में मदद करता है। वहीं प्लास्टिक प्रोटेक्टर केवल हल्की खरोंचों से ही सुरक्षा दे पाते हैं।

अच्छी गुणवत्ता वाला टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन की ब्राइटनेस और रंगों पर बहुत कम असर डालता है। इसमें मौजूद ओलियोफोबिक कोटिंग उंगलियों के निशान और धब्बों को भी कम करती है, जिससे स्क्रीन लंबे समय तक साफ दिखाई देती है।

बदलना और लगाना आसान

अगर टेम्पर्ड ग्लास टूट जाए तो इसे आसानी से बदला जा सकता है। इसे लगाते समय एयर बबल बनने की संभावना भी कम रहती है। दूसरी ओर, प्लास्टिक प्रोटेक्टर लगाते समय अक्सर बुलबुले बन जाते हैं, जिन्हें हटाना मुश्किल हो सकता है।

ऐसा नहीं है। प्लास्टिक प्रोटेक्टर हल्के, सस्ते होते हैं और कर्व्ड डिस्प्ले वाले फोन पर बेहतर फिट हो सकते हैं। हालांकि, यदि आपका उद्देश्य फोन की स्क्रीन को गिरने, झटकों और टूटने से अधिकतम सुरक्षा देना है, तो टेम्पर्ड ग्लास सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।