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बिना पेट्रोल-डीजल, बिना एथेनॉल... उत्तराखंड के युवा ने बनाई देसी फ्लाइंग कार, टेस्ट फ्लाइट का वीडियो वायरल

उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने अपनी स्टार्टअप 'हापिडा स्काई' के तहत सिंगल-सीटर फ्लाइंग कार 'HAPIDA SKYNEX Prototype' का सफल परीक्षण किया। यह ड्रोन तकनीक पर आधारित है और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा का समय 90 मिनट से घटाकर 10 मिनट तक कर सकती है।

 

Flying Car India: भारत में स्वदेशी तकनीक की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के एक युवा इनोवेटर ने ऐसी सिंगल-सीटर फ्लाइंग कार तैयार की है, जिसने सफल टेस्ट फ्लाइट के साथ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ड्रोन तकनीक पर आधारित इस प्रोटोटाइप का परीक्षण खुले मैदान में किया गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

अल्मोड़ा के युवा ने तैयार की 'फ्लाइंग कार'

अल्मोड़ा के काफलीखान गांव निवासी रवि टम्टा ने अपनी स्टार्टअप Hapida Sky के तहत 'HAPIDA SKYNEX Prototype' नाम की फ्लाइंग कार विकसित की है। यह पारंपरिक ड्रोन तकनीक का उन्नत संस्करण है, जिसे एक व्यक्ति के लिए तैयार किया गया है। हाल ही में इसका सफल परीक्षण अल्मोड़ा के एक खुले मैदान में किया गया।

90 मिनट का सफर सिर्फ 10 मिनट में

रवि टम्टा का कहना है कि इस तकनीक का सबसे बड़ा उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा को आसान बनाना है। उनके अनुसार, जिस करीब 40 किलोमीटर की दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में लगभग 90 मिनट लगते हैं, वही दूरी इस फ्लाइंग कार की मदद से लगभग 10 मिनट में पूरी की जा सकती है। इससे दुर्गम इलाकों में आवाजाही और आपातकालीन सेवाओं को नई गति मिल सकती है।

स्टार्टअप के तहत विकसित हुआ प्रोटोटाइप

यह फ्लाइंग कार रवि की स्टार्टअप Hapida Sky के तहत विकसित की गई है। उनका कहना है कि यह अभी प्रोटोटाइप चरण में है और आगे इसमें कई तकनीकी सुधार किए जाएंगे। भविष्य में इसे अधिक सुरक्षित, हल्का और व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो

फ्लाइंग कार की टेस्ट फ्लाइट का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। लोग इसे भारत में उभरते नवाचार और स्वदेशी तकनीकी क्षमता का उदाहरण बता रहे हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की तकनीक को आगे विकसित किया जाता है, तो यह पहाड़ी राज्यों के परिवहन मॉडल में बड़ा बदलाव ला सकती है।

पहले भी कर चुके हैं कई तकनीकी प्रयोग

रिपोर्ट के अनुसार, रवि टम्टा इससे पहले भी कई अभिनव तकनीकी प्रयोग कर चुके हैं। फ्लाइंग कार उनका पहला आविष्कार नहीं है। स्थानीय स्तर पर तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के उनके प्रयासों की पहले भी सराहना होती रही है।