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3 दिन में IT सेक्टर ने बदल दी बाजार की तस्वीर, TCS 6% उछला, Infosys में भी बड़ी तेजी

भारतीय IT शेयरों में लगातार तीसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। TCS, Infosys, HCL Tech और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में शानदार उछाल आया। AI निवेश, अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कमजोर रुपये और बेहतर वैल्यूएशन ने IT सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।

 

IT Stocks Rally: भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी दर्ज की। सोमवार को इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), HCL टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज आईटी शेयर सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। लंबे समय से दबाव झेल रहे आईटी सेक्टर में निवेशकों की वापसी से बाजार में नई ऊर्जा देखने को मिली।

निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.95 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 31,034.95 पर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में यह इंडेक्स 6 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है।

TCS और Infosys में सबसे ज्यादा तेजी

फ्रंटलाइन आईटी शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सबसे बड़ा गेनर रहा। कंपनी का शेयर 6.19 प्रतिशत उछलकर 2,439.50 रुपये पर पहुंच गया। वहीं इंफोसिस का शेयर 5.17 प्रतिशत बढ़कर 1,264.70 रुपये पर बंद हुआ।

इसके अलावा HCL टेक्नोलॉजीज 3.56 प्रतिशत चढ़कर 1,237.70 रुपये पर पहुंच गया, जबकि टेक महिंद्रा में 2.31 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और शेयर 1,578.90 रुपये पर बंद हुआ।

पूरे IT सेक्टर में दिखी खरीदारी

आईटी सेक्टर में तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। कोफोर्ज में 4.13 प्रतिशत, LTIMindtree में 3.34 प्रतिशत और Mphasis में 3.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। Oracle Financial Services Software (OFSS) 1.84 प्रतिशत चढ़ा।

वहीं Wipro में 1.29 प्रतिशत और Persistent Systems में 0.77 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स में भी आईटी कंपनियों का दबदबा रहा। TCS, Infosys, HCL Tech और Tech Mahindra सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।

आखिर क्यों भाग रहे हैं निवेशक?

विशेषज्ञों के अनुसार आईटी शेयरों में यह तेजी कई बड़े कारणों की वजह से आई है। इसमें बेहतर वैश्विक संकेत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता खर्च, अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती और कमजोर रुपये का फायदा शामिल है।

Snowflake के शानदार नतीजों से बढ़ा भरोसा

इस तेजी की शुरुआत अमेरिकी क्लाउड सॉफ्टवेयर कंपनी Snowflake के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद हुई। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और डिमांड को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।

इससे निवेशकों को भरोसा मिला कि दुनिया भर में सॉफ्टवेयर, क्लाउड सर्विसेज और AI पर खर्च अभी भी मजबूत बना हुआ है।

भारतीय आईटी कंपनियों के लिए यह अहम माना जा रहा है क्योंकि उनका बड़ा कारोबार अमेरिका और दूसरे विदेशी बाजारों से आता है। ऐसे में ग्लोबल टेक कंपनियों की मजबूत ग्रोथ भारतीय आईटी सेक्टर के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

AI Boom से बढ़ी उम्मीदें

Snowflake के नतीजों ने बाजार में यह भरोसा और मजबूत किया कि AI का दौर अब सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनियां इस पर वास्तविक निवेश कर रही हैं।

निवेशकों को उम्मीद है कि भारतीय आईटी कंपनियां AI, क्लाउड माइग्रेशन, डेटा मैनेजमेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स से आने वाले समय में बड़ा फायदा उठा सकती हैं।

US Rate Cut की उम्मीद से मिला सपोर्ट

आईटी सेक्टर को मजबूती देने वाला एक और बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद है।

जब ब्याज दरें कम होने की संभावना बनती है, तब टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जाती है क्योंकि भविष्य की कमाई का मूल्य बढ़ जाता है। इसी वजह से अमेरिकी टेक शेयरों में पहले से तेजी देखी जा रही है और उसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दे रहा है।

कमजोर रुपये से IT कंपनियों को फायदा

हाल के दिनों में रुपये की कमजोरी भी आईटी कंपनियों के लिए सकारात्मक साबित हो रही है।

भारतीय आईटी कंपनियों की बड़ी कमाई अमेरिकी डॉलर में होती है। ऐसे में जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो विदेशी कमाई रुपये में ज्यादा दिखाई देती है। इससे कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन को फायदा मिलता है।

हालांकि हाल में रुपया थोड़ी रिकवरी कर चुका है, लेकिन अब भी यह अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है, जो आईटी सेक्टर के लिए लाभकारी माना जा रहा है।

गिरावट के बाद सस्ते हुए थे शेयर

पिछले एक साल में आईटी शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। कमजोर आय वृद्धि, ग्लोबल क्लाइंट्स द्वारा खर्च में कटौती और AI से पारंपरिक आउटसोर्सिंग बिजनेस पर असर की आशंका के चलते सेक्टर में लंबी बिकवाली चली थी।

इसी वजह से कई बड़े आईटी शेयर अपने पुराने उच्च स्तर से काफी नीचे आ गए थे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशक इन शेयरों में आकर्षक वैल्यूएशन देखकर दोबारा निवेश कर रहे हैं।

हालांकि हालिया तेजी के बावजूद निफ्टी आईटी इंडेक्स अभी भी 2026 में करीब 19 प्रतिशत नीचे है, जिससे साफ है कि सेक्टर ने लंबा करेक्शन झेला है।

आगे क्या रहेगा नजरिया?

बाजार जानकारों का कहना है कि आईटी सेक्टर की आगे की दिशा काफी हद तक ग्लोबल AI निवेश, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और भारतीय आईटी कंपनियों की आय वृद्धि पर निर्भर करेगी।

फिलहाल निवेशक यह मानकर चल रहे हैं कि आईटी सेक्टर का सबसे खराब दौर शायद पीछे छूट चुका है। AI पर बढ़ते खर्च, बेहतर वैल्यूएशन और करेंसी सपोर्ट के कारण एक बार फिर टेक शेयर निवेशकों की पसंद बनते दिख रहे हैं।