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अब छुप नहीं पाएगा सर्विस सेक्टर! सरकार ला रही है नया ISP इंडेक्स, बैंकिंग से होटल तक सब पर नजर

 

New Delhi : सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को बेहतर तरीके से मापने के लिए एक नया मासिक संकेतक “सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP)” शुरू करने की तैयारी की है। इसके लिए सोमवार को एक ‘एप्रोच पेपर’ जारी किया गया और 5 मई 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं।

क्या है नया सूचकांक?

प्रस्तावित सेवा उत्पादन सूचकांक(ISP) देश के औपचारिक सेवा क्षेत्र के उत्पादन को हर महीने मापेगा। अभी तक जहां औद्योगिक उत्पादन के लिए सूचकांक मौजूद है, वहीं सेवा क्षेत्र के लिए ऐसा कोई नियमित मासिक संकेतक नहीं था।

इस नए सूचकांक का प्रमुख आधार वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (GST) डेटा होगा। इसके जरिए व्यापार, परिवहन, बैंकिंग, होटल, बीमा और रियल एस्टेट जैसे 40 से अधिक उप-क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

किन क्षेत्रों को करेगा कवर

ISP में थोक व खुदरा व्यापार, परिवहन, संचार, बैंकिंग, बीमा, होटल-रेस्टोरेंट और अन्य सेवा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। GST से छूट प्राप्त क्षेत्रों जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अलग प्रशासनिक डेटा का उपयोग किया जाएगा।

भारत की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान 50% से अधिक है, लेकिन इसकी मासिक निगरानी का कोई मजबूत तंत्र नहीं था। ISP से सरकार को समय पर आर्थिक रुझानों की जानकारी मिलेगी और नीति निर्माण व बजट तैयार करने में मदद मिलेगी।

आर्थिक फैसलों में मिलेगी मदद

इस सूचकांक से यह समझना आसान होगा कि कौन सा सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है या मंदी की ओर जा रहा है। उदाहरण के लिए, यदि यात्रा या होटल सेवाओं में अचानक बढ़ोतरी होती है, तो उसका तुरंत डेटा आधारित विश्लेषण संभव होगा।

MoSPI का यह कदम देश के आर्थिक आंकड़ों को और अधिक आधुनिक और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।