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Unicorn Report 2025: भारत में 11 नए स्टार्टअप्स ने हासिल किया यूनिकॉर्न दर्जा, कुल संख्या पहुंची 73

 

Unicorn Report 2025: भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है। एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया यूनिकॉर्न एंड फ्यूचर यूनिकॉर्न रिपोर्ट 2025 के अनुसार, इस साल 11 नए स्टार्टअप्स यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो गए हैं, जिससे देश में कुल यूनिकॉर्न की संख्या 73 हो गई है। यह रिपोर्ट स्टार्टअप्स की तेजी से बढ़ती संख्या और उनके मूल्यांकन को दर्शाती है, जो भारत को वैश्विक स्टार्टअप हब के रूप में मजबूत बना रहा है।

Unicorn Report 2025 में देश का सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न ब्रोकरेज फर्म जेरोधा को बताया गया है, जिसकी वैल्यूएशन करीब 8.2 अरब डॉलर आंकी गई है। इसके बाद रेजरपे और लेंसकार्ट 7.5 अरब डॉलर की वैल्यू के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि ग्रो 7 अरब डॉलर की वैल्यू के साथ तीसरे नंबर पर है। हुरुन की इस लिस्ट में ये कंपनियां शीर्ष पर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जेरोधा जैसी कंपनियां फिनटेक सेक्टर की ताकत को दर्शाती हैं, जो भारत के यूनिकॉर्न परिदृश्य में अग्रणी है।

नए यूनिकॉर्न्स का प्रवेश: इनोवेशन की नई लहर

Unicorn Report 2025 में शामिल होने वाले 11 नए यूनिकॉर्न में एआई.टेक, नवी टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, नेट्राडाइन, जंबोटेल और डार्विनबॉक्स जैसे स्टार्टअप्स शामिल हैं। इनमें एआई.टेक सबसे तेजी से यूनिकॉर्न बनने वाली कंपनी के रूप में उभरी है, जो बूटस्ट्रैप्ड मॉडल पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये नए सदस्य टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कंपनियां हैं, जो तीन साल के अंदर ही अरब डॉलर वैल्यूएशन हासिल कर रही हैं। अन्य कंपनियां जैसे सीआरईडी, जेटवर्क, भारतपीई और प्रिस्टिन केयर भी इसी साल यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुईं।

Unicorn Report 2025 रिपोर्ट में निवेश गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया है। स्टार्टअप इकोसिस्टम में कई निवेशकों की ओर से फंडिंग बढ़ी है, जिसमें पीक XV पार्टनर्स (पूर्व में सिक्वॉया कैपिटल इंडिया) सबसे बड़े निवेशक के रूप में सामने आया है। इसने 42 स्टार्टअप्स में निवेश किया है, जो कुल फंडिंग का बड़ा हिस्सा है। फिनटेक सेक्टर में 19 यूनिकॉर्न्स 50.1 अरब डॉलर की वैल्यू के साथ अग्रणी हैं, जबकि फ्यूचर यूनिकॉर्न पाइपलाइन में भी 29 स्टार्टअप्स 12.9 अरब डॉलर के मूल्य के साथ फिनटेक का दबदबा है।

हालांकि, चुनौतियां भी हैं। इस साल रियल मनी गेमिंग कंपनियां जैसे ड्रीम11, एमपीएल, गेम्सक्राफ्ट, गेम्स24x7, जुपी और विनजो लिस्ट से बाहर हो गईं। इसका कारण ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 है, जिसने लाइसेंसिंग, टैक्स और विज्ञापन पर सख्त नियम लागू किए हैं, जिससे इनकी वैल्यूएशन प्रभावित हुई।

रोजगार सृजन और विविधता:

महिलाओं और युवाओं की भूमिकाये 73 यूनिकॉर्न कंपनियां सामूहिक रूप से 2,06,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। इनमें लेंसकार्ट, ऑफबिजनेस और फिजिक्सवाला कार्यबल के मामले में सबसे आगे हैं। रिपोर्ट में स्टार्टअप्स में बढ़ती विविधता पर भी जोर दिया गया है। महिला संस्थापकों में रुचि कालरा (ऑफबिजनेस), विनीता सिंह (शुगर कॉस्मेटिक्स) और गरिमा साहनी (प्रिस्टिन केयर) जैसी नामचीन हस्तियां शामिल हैं, जो इकोसिस्टम को मजबूत बना रही हैं।

सबसे कम उम्र के यूनिकॉर्न संस्थापकों में 22 वर्षीय कैवल्य वोहरा और जेप्टो के आदित पलिचा का नाम है, जो युवा उद्यमिता की मिसाल हैं। भौगोलिक दृष्टि से बेंगलुरु शीर्ष केंद्र बना हुआ है, जहां 26 यूनिकॉर्न्स 70 अरब डॉलर के मूल्य के साथ हैं। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर और मुंबई का स्थान है। फिनटेक न केवल संख्या बल्कि मूल्यांकन दोनों में अग्रणी है।

Unicorn Report 2025 के अनुसार, भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा है, जिसमें 64 यूनिकॉर्न्स हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी, खासकर एआई, स्पेसटेक और ईवी/रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में। हुरुन रिसर्च के एमडी अनस रहमान जुनैद ने कहा, "भारत के स्टार्टअप्स न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन का केंद्र भी बन रहे हैं।"