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Union Budget 2026: फिस्कल डेफिसिट में कटौती से लेकर MSME और SME तक, जानिए बजट की 10 बड़ी बातें

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में आम टैक्सपेयर्स के लिए भले ही कोई बड़ा सीधा ऐलान न किया गया हो, लेकिन सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने, वित्तीय सेहत सुधारने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर खास फोकस रखा गया है। आइए जानते हैं यूनियन बजट 2026 की 10 सबसे बड़ी बातें—

1. फिस्कल डेफिसिट में कटौती

सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य जीडीपी के 4.3 फीसदी पर तय किया है। मौजूदा वित्त वर्ष में यह लक्ष्य 4.4 फीसदी था। यानी सरकार घाटे को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

2. कर्ज-जीडीपी अनुपात घटाने की योजना

वित्त मंत्री ने बताया कि FY27 में डेट-टू-जीडीपी रेशियो घटकर 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य 2031 तक इसे 50 फीसदी तक लाना है।

3. कैपिटल एक्सपेंडिचर का नया रिकॉर्ड

अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च का लक्ष्य 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनाने का भी ऐलान किया गया है।

4. ग्लोबल क्लाउड कंपनियों को टैक्स हॉलिडे

जो विदेशी कंपनियां भारत में डेटा सेंटर के जरिए ग्लोबल क्लाउड सर्विसेज देंगी, उन्हें 2047 तक टैक्स हॉलिडे का लाभ मिलेगा। इससे भारत को ग्लोबल डेटा हब बनाने में मदद मिलेगी।

5. MSME और SME के लिए बड़ा सपोर्ट

सरकार ने एसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। इसके अलावा सेल्फ रिलायंस इंडिया फंड के लिए 2,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सीपीएसई को अब एमएसएमई को भुगतान के लिए TReDS प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।

6. डेरिवेटिव्स पर बढ़ा एसटीटी

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02 से बढ़ाकर 0.05 फीसदी और ऑप्शंस पर 0.1 से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है।

7. शेयर बायबैक पर टैक्स में बदलाव

अब शेयर बायबैक पर शेयरहोल्डर्स को कैपिटल गेंस टैक्स देना होगा। प्रमोटर्स के लिए बायबैक पर अतिरिक्त टैक्स का प्रावधान भी किया गया है।

8. रेयर अर्थ कॉरिडोर्स का निर्माण

ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर्स बनाए जाएंगे। इसका मकसद क्रिटिकल मिनरल्स की माइनिंग, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

9. हाई स्पीड रेल और फ्रेट कॉरिडोर्स

देश में सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे। इसके साथ ही सूरत से दानकुनी के बीच एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा।

10. विदेश भेजी जाने वाली रकम पर टीसीएस में राहत

विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए एलआरएस के तहत भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। इससे छात्रों और मरीजों के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

कुल मिलाकर यूनियन बजट 2026 में सरकार ने लंबी अवधि की आर्थिक मजबूती पर फोकस किया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार को नई गति देने की कोशिश साफ नजर आती है।