{"vars":{"id": "130921:5012"}}

PhonePe vs Google Pay vs Paytm: कौन-सा UPI ऐप सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है? जानें मार्केट शेयर

UPI पेमेंट ऐप्स की मार्केट शेयर में PhonePe सबसे आगे है, जबकि Google Pay दूसरे और Paytm तीसरे नंबर पर है। जानिए PhonePe, Google Pay, Paytm और अन्य ऐप्स की हिस्सेदारी, साथ ही चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित MDR शुल्क, इसकी अधिकतम सीमा और आम ग्राहकों पर संभावित असर।

 

भारत में UPI से पेमेंट करना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। सब्जी खरीदने, दुकानों पर बिल चुकाने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, डिजिटल भुगतान के लिए लोग PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इन ऐप्स में बाजार पर सबसे ज्यादा पकड़ किसकी है? उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, PhonePe 45.6% मार्केट शेयर के साथ पहले स्थान पर है, जबकि Google Pay 32.3% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर है। Paytm की हिस्सेदारी 8% बताई गई है।

इन आंकड़ों के अनुसार, PhonePe और Google Pay की संयुक्त हिस्सेदारी 77.9% है। इससे UPI ऐप बाजार में दोनों कंपनियों की मजबूत स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

UPI पेमेंट में PhonePe सबसे आगे, Google Pay दूसरे नंबर पर

UPI पेमेंट ऐप्स के बाजार में PhonePe सबसे आगे है। Google Pay दूसरे स्थान पर है, जबकि Paytm तीसरे नंबर पर बना हुआ है। बाजार में इनकी हिस्सेदारी के आंकड़े इस प्रकार हैं:

UPI पेमेंट ऐप मार्केट शेयर
PhonePe 45.6%
Google Pay 32.3%
Paytm 8%
Navi 4.4%
Supermoney 1.7%
BHIM 1%
FamApp 0.9%
WhatsApp Pay 0.7%
CRED 0.6%
Axis Bank App 0.6%

इन आंकड़ों के मुताबिक, PhonePe अकेले ही बाजार के लगभग आधे हिस्से पर अपनी पकड़ रखता है। Google Pay भी एक बड़ा प्रतिस्पर्धी बना हुआ है। वहीं, बाकी ऐप्स की हिस्सेदारी इन दोनों के मुकाबले काफी कम है।

ध्यान दें: इन आंकड़ों की अवधि और स्रोत की पुष्टि जरूरी है। UPI ऐप्स की हिस्सेदारी महीने-दर-महीने बदल सकती है। साथ ही, ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के आधार पर बाजार हिस्सेदारी और सक्रिय यूजर्स की संख्या के आधार पर लोकप्रियता अलग-अलग हो सकती है।

Paytm की मार्केट शेयर सिर्फ 8%, तीसरे नंबर पर ऐप

UPI भुगतान के क्षेत्र में Paytm एक जाना-पहचाना नाम है, लेकिन दिए गए आंकड़ों में इसकी बाजार हिस्सेदारी 8% है। यह PhonePe और Google Pay से काफी पीछे है।

PhonePe की हिस्सेदारी Paytm से करीब 5.7 गुना और Google Pay की हिस्सेदारी लगभग चार गुना है। दोनों प्रमुख ऐप्स की संयुक्त हिस्सेदारी 77.9% तक पहुंचती है।

इस अंतर से पता चलता है कि UPI भुगतान के बाजार में प्रतिस्पर्धा के बावजूद कुछ बड़े ऐप्स का दबदबा बना हुआ है। हालांकि, केवल बाजार हिस्सेदारी से यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन-सा ऐप हर यूजर के लिए बेहतर है। इस्तेमाल में आसानी, बैंक से जुड़ाव, सुरक्षा सुविधाएं और ग्राहक सहायता जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हैं।

UPI पेमेंट पर MDR का नया नियम क्या है?

UPI ऐप्स की बाजार हिस्सेदारी के बीच मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर भी चर्चा है। MDR वह शुल्क है, जो किसी डिजिटल भुगतान को स्वीकार करने के लिए मर्चेंट या कारोबारी से लिया जा सकता है।

दी गई जानकारी के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने की योजना को दिवाली के बाद तक टाल दिया है। पहले इसे 15 अक्टूबर से लागू किए जाने की बात कही गई थी।

15 सितंबर को घोषित प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% शुल्क लगाने का प्रस्ताव था। प्रति ट्रांजैक्शन इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये बताई गई थी।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि प्रस्तावित MDR का मतलब सभी UPI पेमेंट पर शुल्क लगना नहीं है। इसका दायरा चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित बताया गया है। सामान्य यूजर द्वारा दोस्तों या परिवार को किए जाने वाले व्यक्तिगत UPI ट्रांसफर पर इसे अपने आप लागू नहीं माना जाना चाहिए।

क्या UPI से पेमेंट करने पर ग्राहकों को भी देना होगा शुल्क?

MDR को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा या नहीं। मर्चेंट से लिया जाने वाला शुल्क और ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क अलग-अलग बातें हैं।

अगर किसी विशेष मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, तो उसका सीधा अर्थ यह नहीं है कि ग्राहक को भी अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इसका वास्तविक असर लागू नियमों, ट्रांजैक्शन की श्रेणी और संबंधित भुगतान व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

इसलिए दुकानदारों और ग्राहकों को किसी भी बदलाव से पहले NPCI या संबंधित बैंक की आधिकारिक अधिसूचना देखनी चाहिए। MDR की अंतिम लागू तारीख और शर्तों की आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे सभी UPI भुगतान पर लागू नियम बताना सही नहीं होगा।