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अगले हफ्ते शेयर बाजार में क्या होगा? जानिए सेंसेक्स-निफ्टी को झटका देंगे या सहारा ये 5 फैक्टर

अगले सप्ताह शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे अमेरिका-ईरान तनाव, महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की चाल। जानिए सेंसेक्स-निफ्टी के लिए कौन से बड़े ट्रिगर अहम होंगे और बाजार में तेजी आएगी या दबाव बना रहेगा।

 

Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है। निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर कई बड़े घटनाक्रमों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, महंगाई के आंकड़े, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और रुपये की चाल अगले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय कर सकती हैं।

पिछले सप्ताह बाजार लगातार दबाव में रहा और निवेशकों का रुख सतर्क दिखाई दिया। ऐसे में अब सभी की नजर उन प्रमुख संकेतकों पर है, जो अगले सप्ताह बाजार को नई दिशा दे सकते हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव बना सबसे बड़ा जोखिम

वैश्विक बाजारों के लिए इस समय सबसे बड़ा चिंता का विषय पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर महंगाई बढ़ने और अर्थव्यवस्था पर दबाव बनने का खतरा रहता है।

महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में जारी होने वाले महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि मुद्रास्फीति उम्मीद से अधिक रहती है तो ब्याज दरों और निवेशकों की रणनीति पर असर पड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई से जुड़े संकेत आने वाले समय में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

विदेशी निवेशकों की चाल रहेगी अहम

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। यदि यह सिलसिला जारी रहता है तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह FII और DII के निवेश पैटर्न पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

रुपये और बॉन्ड यील्ड भी डालेंगे असर

रुपये की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक बॉन्ड बाजार की स्थिति निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकती है।

सेंसेक्स और निफ्टी के लिए क्या है तकनीकी संकेत?

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी फिलहाल दबाव में बना हुआ है और बाजार में बिकवाली का रुख दिखाई दे रहा है। निफ्टी के लिए 23,100 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,700 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निफ्टी इस रेंज से बाहर नहीं निकलता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल के दिनों में तेजी से ऊपर गई हैं और यह भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर बन सकती हैं। यदि तेल 95 से 100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बना रहता है, तो इससे महंगाई, रुपये और कॉरपोरेट मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

विश्लेषकों का मानना है कि अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। ऊर्जा, रक्षा और कुछ चुनिंदा रक्षात्मक सेक्टरों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है, जबकि वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार निगरानी रखना जरूरी होगा।

बाजार की अगली दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, तेल की कीमतों और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर निर्भर करेगी। ऐसे में अगले सप्ताह निवेशकों के लिए हर दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है।