भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने में क्यों लग रहा वक्त? सामने आई बड़ी वजह
New Delhi : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। ईरान-अमेरिका तनाव खत्म होने के बाद जहां ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 126 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 71 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है, वहीं देश में ईंधन के दाम अभी भी पहले जैसे बने हुए हैं। इसे लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कीमतें कब कम होंगी।
सरकार ने बताई वजह
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में स्पष्ट किया कि भारत ने संकट के दौरान ऊंची कीमतों पर खरीदा गया कच्चा तेल अभी भी रिफाइनरियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। जब तक यह स्टॉक समाप्त नहीं हो जाता, तब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार कीमतें बढ़ाने की भी योजना नहीं बना रही है और यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता बना रहता है, तो आने वाले करीब दो महीनों में कीमतों की समीक्षा की जा सकती है।
युद्ध के दौरान बढ़ी थीं कीमतें
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के दौरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बाधा आने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो गया था और कई देशों में ईंधन की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी कर दी गई थी।
हालांकि भारत में उस समय सरकार ने कुछ समय तक उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला। बाद में मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की गई।
भारत में तुरंत राहत क्यों नहीं?
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल विपणन कंपनियां पहले खरीदे गए महंगे कच्चे तेल को रिफाइन कर रही हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई हालिया गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लगेगा। इसके अलावा सरकार और तेल कंपनियां पहले उठाए गए अतिरिक्त वित्तीय बोझ की भी भरपाई कर रही हैं।
पड़ोसी देशों में क्यों घटे दाम?
भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भूटान और चीन ने युद्ध के दौरान कच्चे तेल के महंगा होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी कर दी थी। अब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता हुआ है, तो वहां सरकारों ने उसी अनुपात में ईंधन की कीमतें भी कम कर दी हैं।
वहीं भारत में सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया था, इसलिए अब कटौती भी तत्काल नहीं की जा रही है।
क्या आगे सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
सरकार का कहना है कि यदि अगले कुछ महीनों तक कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल उपभोक्ताओं को कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।