महंगाई और तेल संकट के बीच, RBI ने खोला खजाना- केंद्र सरकार को मिला 2.87 लाख करोड़ का बड़ा सहारा
Mumbai : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश (डिविडेंड) देने को मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है।
आरबीआई ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह निर्णय केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लिया गया, जो मुंबई में आयोजित हुई। बैठक में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा भी मौजूद रहे।
आरबीआई द्वारा सरकार को दी जाने वाली यह राशि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। केंद्रीय बैंक ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 2.69 लाख करोड़ रुपये, 2023-24 में 2.1 लाख करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था।
आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसकी कुल शुद्ध आय बढ़कर लगभग 3.96 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 3.13 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं केंद्रीय बैंक की कुल संपत्ति भी 20.61 प्रतिशत बढ़कर करीब 92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच यह राशि केंद्र सरकार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इससे सरकार को आर्थिक प्रबंधन, विकास योजनाओं और वित्तीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
