Credit Card Bill का Minimum Amount Due बना रहे हैं? जानिए क्यों बन सकता है कर्ज का जाल
Credit Card Debt: अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और हर महीने पूरा बिल चुकाने के बजाय सिर्फ Minimum Amount Due जमा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। शुरुआत में यह तरीका आसान लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने पर ब्याज, जीएसटी, लेट फीस और अन्य शुल्क की वजह से बकाया रकम तेजी से बढ़ सकती है। यही रकम धीरे-धीरे आपको कर्ज के जाल में फंसा सकती है।
आज के समय में नौकरीपेशा लोगों से लेकर कारोबारियों तक बड़ी संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। कई बार आर्थिक दबाव के चलते लोग पूरा बिल चुकाने के बजाय सिर्फ न्यूनतम राशि जमा करते हैं। अगर यह लगातार जारी रहे तो क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाना काफी महंगा पड़ सकता है।
क्या होता है Credit Card APR?
क्रेडिट कार्ड में APR यानी Annual Percentage Rate को आसान भाषा में सालाना ब्याज दर समझ सकते हैं। यह वह दर है जिसके आधार पर क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला बैंक या वित्तीय संस्थान बकाया रकम पर ब्याज वसूलता है।
क्रेडिट कार्ड पर APR आमतौर पर दूसरे सामान्य कर्ज की तुलना में काफी अधिक हो सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग कार्ड और बैंक के हिसाब से यह सालाना करीब 8.5% से 55% से अधिक तक हो सकता है। मासिक आधार पर ब्याज दर करीब 1% से लेकर लगभग 4% तक पहुंच सकती है। यानी क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई रकम समय पर नहीं चुकाने पर यह आपके लिए महंगा कर्ज बन सकती है।
₹50 हजार के बिल पर कैसे बढ़ सकता है बोझ?
मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का बिल 50,000 रुपये है और आप हर महीने सिर्फ न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान करते हैं। ऐसी स्थिति में बाकी रकम पर ब्याज लगता रहेगा।
इसके साथ ही ब्याज पर लागू टैक्स, लेट पेमेंट फीस और अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं। लंबे समय तक भुगतान न करने पर आपकी कुल बकाया राशि काफी बढ़ सकती है। इसलिए सिर्फ Minimum Due भरकर यह मान लेना कि क्रेडिट कार्ड का बिल नियंत्रित हो गया है, सही रणनीति नहीं है।
पूरा बिल भरने पर क्या फायदा?
अगर आप क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया बिल निर्धारित तारीख तक चुका देते हैं तो आम तौर पर आपको Grace Period का लाभ मिलता है और खरीदारी पर ब्याज से बचा जा सकता है।
लेकिन जब आप सिर्फ न्यूनतम राशि का भुगतान करते हैं, तो ब्याज-मुक्त अवधि प्रभावित हो सकती है। इसके बाद बकाया रकम पर ब्याज लगना शुरू हो सकता है और कुछ परिस्थितियों में नए खर्च भी महंगे पड़ सकते हैं।
इसलिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय सिर्फ Minimum Due देखकर भुगतान करने के बजाय Total Amount Due पर ध्यान देना जरूरी है।
क्रेडिट कार्ड का ब्याज कैसे बढ़ाता है कर्ज?
क्रेडिट कार्ड के बकाये पर ब्याज की गणना कार्ड के नियमों के अनुसार होती है और भुगतान न करने पर शुल्क भी जुड़ सकते हैं। लंबे समय तक बकाया रखने पर ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है।
इसके अलावा ब्याज और कुछ शुल्क पर 18% GST लागू हो सकता है। लेट पेमेंट फीस और दूसरे संबंधित चार्ज भी कुल देनदारी को बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि छोटी रकम से शुरू हुआ क्रेडिट कार्ड बकाया समय के साथ बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है।
कर्ज के जाल से बचने के लिए क्या करें?
1. पूरा बिल समय पर चुकाएं
सबसे बेहतर तरीका यही है कि हर महीने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल Due Date से पहले चुका दिया जाए।
2. Minimum Due को आदत न बनाएं
Minimum Amount Due सिर्फ तत्काल भुगतान की जरूरत को कम करता है। यह आपके पूरे कर्ज को खत्म नहीं करता। लगातार ऐसा करने से ब्याज का बोझ बढ़ सकता है।
3. ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को कम ब्याज वाले विकल्प से बदलने पर विचार करें
अगर पहले से क्रेडिट कार्ड का बड़ा कर्ज जमा हो चुका है तो कम ब्याज वाले पर्सनल लोन जैसे विकल्पों की तुलना की जा सकती है। हालांकि, किसी नए लोन का फैसला लेने से पहले उसकी कुल लागत जरूर देखें।
4. Balance Transfer का विकल्प देखें
कुछ कार्डों में Balance Transfer की सुविधा मिलती है, जिसके जरिए ज्यादा ब्याज वाले क्रेडिट कार्ड बकाये को दूसरे कार्ड पर ट्रांसफर किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए प्रोसेसिंग फीस, ब्याज दर, ऑफर की अवधि और अन्य नियम-शर्तों को समझना जरूरी है।
5. दोस्तों या रिश्तेदारों से उधार लेने में सावधानी
अगर ब्याज-मुक्त पारिवारिक या व्यक्तिगत उधार उपलब्ध हो तो उससे महंगे क्रेडिट कार्ड कर्ज को चुकाने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन उधार लौटाने की स्पष्ट योजना बनाना जरूरी है।
प्रमुख बैंकों के क्रेडिट कार्ड APR
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है:

नोट: ये दरें कार्ड, ग्राहक, समय और बैंक की लागू शर्तों के अनुसार अलग हो सकती हैं। किसी भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा ब्याज दर, फीस और नियम जरूर जांचें।
आखिर में समझें सबसे जरूरी बात
क्रेडिट कार्ड अपने आप में खराब वित्तीय उत्पाद नहीं है, लेकिन बकाया रकम को लंबे समय तक लेकर चलना महंगा पड़ सकता है। अगर आप हर महीने केवल Minimum Due भर रहे हैं तो यह आदत बदलना बेहतर है। अपनी क्षमता के अनुसार खर्च करें और संभव हो तो हर बिलिंग साइकिल का पूरा बकाया समय पर चुका दें।
