गिरावट के बाद चमकता डिफेंस PSU, क्या MDL बनेगा लॉन्ग-टर्म स्टार?
Mumbai : सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने गुरुवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए। कंपनी के मजबूत प्रदर्शन ने ब्रोकरेज हाउसेज और एनालिस्ट्स को पॉजिटिव कर दिया है। नतीजों के बाद भी शुक्रवार को स्टॉक में करेक्शन देखा गया, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह PSU शिपबिल्डर आकर्षक बना हुआ है।
मुख्य वित्तीय नतीजे (Q3 FY26)
- नेट प्रॉफिट : 880 करोड़ रुपये (YoY +9%)
- रेवेन्यू : 3,601.1 करोड़ रुपये (YoY +14.6%)
- EBITDA : 887 करोड़ रुपये (YoY +8.6%)
- EBITDA मार्जिन : 24.6% (पिछले साल से थोड़ा कम)
कंपनी ने FY26 के लिए 7.5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, जो निवेशकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण है।
शेयर का प्रदर्शन
- शुक्रवार को MDL का शेयर 1.3% से ज्यादा गिरकर 2,367.10 रुपये पर बंद हुआ।
- मार्केट कैपिटलाइजेशन अब करीब 95,000 करोड़ रुपये के आसपास है।
- स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर 3,778 रुपये (मई 2025) से लगभग 37% नीचे है।
- लेकिन IPO प्राइस 145 रुपये से अभी भी 1,530% से ज्यादा ऊपर है, जो कंपनी की लंबी अवधि की ताकत दिखाता है।
ब्रोकरेज और एनालिस्ट्स की राय
ज्यादातर ब्रोकरेज हाउसेज (जैसे मोतीलाल ओसवाल, ICICI सिक्योरिटीज, Nuvama आदि) ने नतीजों के बाद MDL पर पॉजिटिव नजर रखी है। मुख्य कारण:
- भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोतों (प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट्स, स्कॉर्पीन-क्लास सबमरीन्स) का निर्माण तेजी से चल रहा है।
- ऑर्डर बुक मजबूत (करीब 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा)।
- डिफेंस सेक्टर में सरकारी फोकस और 'मेक इन इंडिया' के कारण भविष्य में नए ऑर्डर की संभावना।
- हालिया गिरावट को 'खरीदारी का मौका' बताते हुए कई एनालिस्ट्स ने टारगेट प्राइस 2,800–3,500 रुपये के बीच रखा है।
क्यों आई गिरावट?
नतीजे मजबूत होने के बावजूद स्टॉक में करेक्शन इसलिए देखा गया क्योंकि:
- बाजार में पिछले कुछ दिनों से IT और डिफेंस सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग का दौर चल रहा है।
- वैश्विक स्तर पर डिफेंस स्टॉक्स में भी कुछ सुस्ती देखी गई।
- लेकिन फंडामेंटल्स मजबूत होने से लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह करेक्शन खरीदारी का अच्छा अवसर माना जा रहा है।
MDL भारत की प्रमुख डिफेंस पब्लिक सेक्टर यूनिट्स में से एक है, जो नौसेना के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य जहाज बनाती है। कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी सपोर्ट से भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है।
