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Dollar vs Rupee: अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती से रुपये को मिली संजीवनी! डॉलर के मुकाबले दिखी जबरदस्त मजबूती

 
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अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए हाई टैरिफ में बड़ी कटौती किए जाने से देश को अहम राहत मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद टैरिफ की दरों को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले का न सिर्फ राजनीतिक और कारोबारी स्तर पर स्वागत हो रहा है, बल्कि इसका सीधा असर भारतीय बाजारों और रुपये की चाल पर भी देखने को मिल रहा है।

रुपये में आई जोरदार तेजी

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार की सुबह भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 1.2 प्रतिशत की मजबूती के साथ 90.40 के स्तर पर खुला। यह तेजी वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी टैरिफ में कटौती से पूरी तस्वीर बदल गई है। इससे वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत हुई है और भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

इंटरबैंक मार्केट और डॉलर इंडेक्स का हाल

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.30 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 91.49 के मुकाबले 119 पैसे की मजबूती को दिखाता है।
इस दौरान छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 97.43 पर आ गया। वहीं, वैश्विक तेल बाजार में भी नरमी देखने को मिली और ब्रेंट क्रूड वायदा 0.41 प्रतिशत गिरकर 66.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।

शेयर बाजार में भी दिखा पॉजिटिव असर

अमेरिकी फैसले का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालांकि आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,832.46 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी, लेकिन बाजार की धारणा अब सकारात्मक होती दिख रही है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में एफआईआई की वापसी से बाजार को और मजबूती मिल सकती है।

पहले क्यों बढ़ा था टैरिफ का बोझ

गौरतलब है कि अमेरिका ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत का बेस टैरिफ लगाया था। इसके अलावा रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ भी लगाया गया, जिससे कुल मिलाकर भारत पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क बोझ आ गया था। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत और ट्रेड डील पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अब जाकर इस पर ठोस राहत मिली है।

निर्यातकों को मिलेगी बड़ी राहत

टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बीते कुछ समय से ऊंचे शुल्क के चलते उन्हें वित्तीय दबाव और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा की चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। अब अमेरिकी फैसले से न सिर्फ निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है, बल्कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में भी नई मजबूती आने की संभावना जताई जा रही है।