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ITR फाइल करना हुआ आसान! ‘कर साथी’ AI से मिनटों में भरें रिटर्न, अब नहीं होगी गलती

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ‘कर साथी’ AI चैटबॉट लॉन्च किया है, जो टैक्सपेयर्स को ITR फाइलिंग में आसान और तेज मदद देता है। यह रियल-टाइम गाइडेंस, नोटिस, रिफंड और कंप्लायेंस जानकारी प्रदान करता है, जिससे जटिल प्रक्रिया सरल बनती है और गलतियों की संभावना कम होती है।

 
कर साथी
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हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया बन जाता है। बदलते नियमों और बढ़ती कम्प्लायेंस के कारण कई लोग सही तरीके से रिटर्न फाइल नहीं कर पाते। अब इस समस्या के समाधान के लिए इनकम टैक्स विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने हाल ही में ‘कर साथी’ नाम का एआई आधारित चैटबॉट लॉन्च किया है, जो टैक्सपेयर्स को ITR फाइलिंग में हर स्तर पर सहायता प्रदान करेगा।

क्या है ‘कर साथी’ और कैसे करेगा मदद?

‘कर साथी’ एक वर्चुअल असिस्टेंट है, जिसे नए रिवैम्प किए गए इनकम टैक्स पोर्टल के साथ जोड़ा गया है। यह AI आधारित सिस्टम टैक्सपेयर्स को ITR फाइलिंग के दौरान रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराता है।

इसकी मदद से यूजर्स अपनी पुरानी फाइलिंग, नोटिस, रिफंड स्टेटस और कम्प्लायेंस से जुड़ी जानकारी एक ही जगह पर देख सकते हैं। इससे बार-बार अलग-अलग पेज पर जाने की जरूरत खत्म हो जाती है।

जटिल प्रक्रिया को बनाया आसान

अक्सर देखा गया है कि ITR फाइलिंग के दौरान जटिल टैक्स नियम और तकनीकी भाषा टैक्सपेयर्स के लिए मुश्किल खड़ी कर देती है। ‘कर साथी’ इन जटिलताओं को सरल भाषा में समझाकर प्रक्रिया को आसान बनाता है। यह चैटबॉट स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस देता है, जिससे यूजर बिना किसी भ्रम के सही तरीके से रिटर्न भर सके।

रियल-टाइम सपोर्ट और 24x7 सुविधा

‘कर साथी’ की सबसे बड़ी खासियत इसका 24x7 उपलब्ध रहना है। यूजर किसी भी समय अपने सवाल पूछ सकता है और तुरंत जवाब प्राप्त कर सकता है। इसमें किसी डॉक्यूमेंट को बार-बार देखने या स्कैन करने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि AI सिस्टम खुद ही संबंधित जानकारी को प्रोसेस कर लेता है।

गलतियों की संभावना होगी कम

नए इनकम टैक्स नियम 2025 के तहत फाइलिंग प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। ‘कर साथी’ इसी सिस्टम के साथ इंटीग्रेट होकर काम करता है, जिससे ITR भरते समय गलती की संभावना काफी कम हो जाती है। यह न केवल ई-फाइलिंग बल्कि चालान, ई-पेमेंट और वेरिफिकेशन जैसे अन्य जरूरी कार्यों में भी सहायता करता है।