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सोने-चांदी में फिर लौटी तेजी! एक दिन में 1,000 महंगा हुआ गोल्ड, चांदी 2,500 उछली, जानिए अभी खरीदना सही रहेगा या नहीं

सोने की कीमत में ₹1,000 और चांदी में ₹2,500 की तेज बढ़त दर्ज की गई। जानिए गोल्ड और सिल्वर की कीमतें अचानक क्यों बढ़ीं, डॉलर, कच्चे तेल और अमेरिकी फेड का इस पर क्या असर पड़ा और विशेषज्ञ अभी खरीदारी को लेकर क्या सलाह दे रहे हैं।

 
Gold Silver Price Today
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Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब ₹1,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग ₹2,500 प्रति किलोग्राम महंगी हो गई। हाल के दिनों में रिकॉर्ड स्तर से गिरावट के बाद आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान फिर से बुलियन बाजार की ओर खींच लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदले हालात, कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने इस तेजी को मजबूती दी है।

सोना और चांदी में कितनी बढ़ी कीमत?

सोमवार सुबह एमसीएक्स पर अगस्त वायदा सोना करीब ₹1,44,130 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद भाव से लगभग ₹1,024 अधिक था। वहीं चांदी का वायदा भाव ₹2,24,663 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया और इसमें करीब ₹2,525 की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ हफ्तों में दोनों कीमती धातुओं में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली थी।

अचानक क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना है। डॉलर कमजोर पड़ने से सोना और चांदी दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सस्ते हो जाते हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ जाती है।

दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने भी बाजार का रुख बदल दिया है। मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतें नीचे आईं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंकाएं कुछ कम हुईं। इसका फायदा सोने और चांदी को मिला।

रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरावट के बाद फिर लौटी तेजी

इस साल की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे। उस समय वैश्विक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण निवेशक बड़ी संख्या में बुलियन की ओर लौटे थे।

इसके बाद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की महंगाई से यह आशंका बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। इसी वजह से सोने और चांदी में मुनाफावसूली हुई और कीमतें नीचे आ गईं। अब तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर की कमजोरी ने फिर से बुलियन बाजार को सहारा दिया है।

अब अमेरिकी फेड के फैसले पर टिकी बाजार की नजर

बाजार की अगली बड़ी नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। माना जा रहा है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा, लेकिन फेड के बयान से आगे की दिशा तय होगी।

यदि फेड भविष्य में नरम रुख अपनाने के संकेत देता है तो सोने और चांदी को और मजबूती मिल सकती है। वहीं अगर ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत मिलते हैं तो कीमतों पर दबाव भी बन सकता है।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। आने वाले दिनों में अमेरिकी फेड के फैसले और वैश्विक घटनाक्रम के कारण सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रहेगा। इससे बाजार की अस्थिरता का जोखिम कम किया जा सकता है।