Gold-Silver Price : एक बार फिर चमका सोना, चांदी की कीमत में भी उछाल, जानें आज का ताजा रेट
Gold-Silver Price : त्योहारी सीजन और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी के दाम में तेजी देखने को मिल रही है। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,400 रुपए की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में 24 कैरेट सोना अब 1,18,310 रुपए प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,08,450 रुपए प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है। चांदी के दाम में भी 1,000 रुपए की बढ़त हुई है और यह 1,51,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर बिक रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी स्पॉट गोल्ड की कीमत 1 प्रतिशत बढ़कर 3,862.21 डॉलर प्रति औंस रही। आइए विस्तार से जानते है अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट सोने के ताजा भाव (Gold-Silver Price) क्या हैं।
Gold-Sliver Price : देखें शहरवार रेट
| शहर/स्थान | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,18,460 | 1,08,600 |
| जयपुर | 1,18,460 | 1,08,600 |
| अहमदाबाद | 1,18,460 | 1,08,600 |
| पुणे | 1,18,460 | 1,08,600 |
| कोलकाता | 1,18,310 | 1,08,450 |
| मुंबई | 1,18,310 | 1,08,450 |
| चेन्नई | 1,18,310 | 1,08,450 |
| हैदराबाद | 1,18,310 | 1,08,450 |
| बेंगलुरू | 1,18,310 | 1,08,450 |
| लखनऊ | 1,18,460 | 1,08,600 |
गौरतलब है कि 24 कैरेट सोना निवेश के लिए खरीदा जाता है, जबकि 22 और 18 कैरेट सोना मुख्य रूप से ज्वैलरी निर्माण में इस्तेमाल होता है।
सोने में निवेश का रुझान
सोने ने हमेशा लंबे समय में बेहतर रिटर्न दिया है। पिछले कुछ सालों में इसकी कीमतों में तेजी का मुख्य कारण भूराजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल है। इन कारणों से निवेशक सोने की तरफ लगातार आकर्षित हो रहे हैं।
सोने की कीमत कैसे तय होती है?
भारत में अधिकांश सोना विदेशों से आयात किया जाता है। आयातित सोने पर सीमा शुल्क (Import Duty), GST और अन्य स्थानीय टैक्स लागू होते हैं, जो कीमत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, युद्ध, आर्थिक मंदी, ब्याज दरों में बदलाव और डॉलर की मजबूती या रुपया कमजोर होने से भी सोने की कीमत प्रभावित होती है।
सोना और भारतीय परंपरा
सोना भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। शादियों, त्योहारों और अन्य खुशी के अवसरों पर लोग सोना खरीदते हैं। निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। यही वजह है कि त्योहारों और वैश्विक अस्थिरता के बीच सोने की मांग और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।
