Gold Silver Price: सोना-चांदी के दाम ऑल टाइम हाई पर, चांदी 1,27,348 रुपये और सोना 1,09,841 रुपये पहुंचा
Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी जारी है। आज यानी 12 सितंबर को ये दोनों कीमती धातुएं ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी की कीमत 2,849 रुपये बढ़कर 1,27,348 रुपये प्रति किलो हो गई है। कल यानी 11 सितंबर को एक किलो चांदी की कीमत 1,24,499 रुपये थी। वहीं, सोने की कीमत 744 रुपये चढ़कर 1,09,841 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। कल इसकी कीमत 1,09,097 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
इससे पहले, 9 सितंबर को Gold ने 1,09,635 रुपये और चांदी ने 1,24,770 रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की तलाश के कारण ये कीमतें लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ रही हैं।
इस साल अब तक Gold की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,162 रुपये थी, जो अब 1,09,841 रुपये हो गई है। यानी कुल 33,679 रुपये (लगभग 40%) की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2024 को 86,017 रुपये प्रति किलो थी, जो आज 1,27,348 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। इस दौरान चांदी 41,331 रुपये महंगी हुई है।
चार महानगरों में आज की कीमतें
देश के चार प्रमुख शहरों में 10 ग्राम Gold की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹) | 22 कैरेट सोना (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,11,430 | 1,02,150 |
| मुंबई | 1,11,280 | 1,02,000 |
| कोलकाता | 1,11,280 | 1,02,000 |
| चेन्नई | 1,11,710 | 1,02,400 |
ये कीमतें स्थानीय टैक्स और मार्केट वैरिएशन के आधार पर थोड़ी बदल सकती हैं।
सोने की कीमतों में तेजी के 5 प्रमुख कारण
Gold की कीमतों में इस रफ्तार से बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक हैं। यहां पांच मुख्य कारण हैं:
- वैश्विक अनिश्चितता: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ प्लान और संभावित व्यापार युद्ध के डर से निवेशक सोने को सुरक्षित हेवन मानकर खरीद रहे हैं।
- केंद्रीय बैंकों की खरीद: चीन और रूस जैसे देश बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक मांग में इजाफा हो गया है।
- युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध का लंबा खिंचना और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से वैश्विक अस्थिरता बढ़ी है, जिसके चलते लोग सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।
- महंगाई और कम ब्याज दरें: मुद्रास्फीति के बढ़ते डर के बीच फेडरल रिजर्व की कम ब्याज दरें सोने को आकर्षक निवेश विकल्प बना रही हैं।
- रुपए की डॉलर के मुकाबले कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में गिरावट के कारण आयातित सोना महंगा हो रहा है, जो घरेलू कीमतों को प्रभावित कर रही है।
Gold खरीदते समय रखें इन दो बातों का ध्यान
कीमतों के इस उछाल के बीच सोना खरीदना एक अच्छा निवेश हो सकता है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। यहां दो महत्वपूर्ण टिप्स हैं:
- सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें। नए नियमों के तहत 1 अप्रैल 2025 से छह अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना बेचना प्रतिबंधित है। यह हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (HUID) कहलाता है, जैसे AZ4524। इससे सोने की शुद्धता आसानी से जांच ली जा सकती है।
- कीमत का क्रॉस चेक करें: Gold का सही वजन और उस दिन की कीमत कई विश्वसनीय स्रोतों (जैसे IBJA की वेबसाइट) से वेरिफाई करें। ध्यान रखें, 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या कम का इस्तेमाल होता है क्योंकि 24 कैरेट बहुत नरम होता है।
