रुपये की ऐतिहासिक गिरावट, डॉलर के मुकाबले 95 के पार; बाजार में बढ़ी चिंता
भारतीय मुद्रा बाजार में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिली, जब भारतीय रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर को पार कर गया। कारोबार के दौरान रुपया करीब 0.3% गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ गई है।
हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों की विदेशी मुद्रा पोजिशन पर सख्ती बरती है, लेकिन इसका असर सीमित ही दिखाई दिया। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियां अब भी रुपये पर दबाव बनाए हुए हैं।
इस गिरावट का असर शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई, और यह मार्च 2020 के बाद अपनी सबसे खराब मासिक गिरावट की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की निकासी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं। इन कारकों के चलते न केवल रुपया कमजोर हो रहा है, बल्कि पूंजी बाजार भी दबाव में बना हुआ है।
