Movie prime

त्योहारों से पहले महंगाई का झटका! साबुन, डिटर्जेंट, नमक समेत कई रोजमर्रा के सामान होंगे महंगे

 
...
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

अगर आप अगस्त से शुरू होने वाले त्योहारों के लिए खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके घरेलू बजट पर असर डाल सकती है। देश की कई बड़ी उपभोक्ता (FMCG) कंपनियों ने एक बार फिर अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। लगातार तीसरे महीने डिटर्जेंट, साबुन, बर्तन धोने की बार, नमक, पेंट, टायर और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य सामान महंगे हो सकते हैं।

कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी करना उनकी मजबूरी बन गया है।


इन कंपनियों ने दिए संकेत

देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने कहा है कि अगले तीन महीनों में होम केयर कैटेगरी के कई उत्पादों, जैसे डिटर्जेंट और बर्तन साफ करने वाली बार, की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की जाएगी।

इसके अलावा एशियन पेंट्स, डोडला डेयरी और अन्य कंपनियों ने भी संकेत दिए हैं कि बढ़ती लागत के चलते उत्पादों के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। कंपनियों के अनुसार, कच्चे तेल से बनने वाले कई कच्चे माल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है, जिससे उत्पादन खर्च बढ़ गया है।


मिडिल ईस्ट तनाव का असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम का असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। इसका सीधा असर भारतीय कंपनियों की उत्पादन लागत पर भी देखने को मिल रहा है।

इसी के चलते हैवेल्स इंडिया ने अपने कुछ उत्पादों की कीमतों में करीब 8% तक बढ़ोतरी की है, जबकि टाटा कंज्यूमर ने नमक की कीमतों में लगभग 7% की वृद्धि की है। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी दाम बढ़ा सकती हैं।


त्योहारी सीजन में बढ़ेगा खर्च

अगस्त से नवंबर के बीच रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं। यह अवधि कंपनियों के लिए सबसे अधिक बिक्री का समय होती है। ऐसे में कंपनियों को उम्मीद है कि मांग मजबूत रहने के कारण उपभोक्ता बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद खरीदारी करेंगे।


महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता

जून महीने में खुदरा महंगाई दर करीब डेढ़ साल बाद पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई। वित्त मंत्रालय ने भी माना है कि महंगाई अब केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामानों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, कम बारिश और एल नीनो की आशंका भी महंगाई बढ़ने का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में आम लोगों के घरेलू खर्च पर और दबाव बढ़ सकता है।