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भारत की दिग्गज टेक कंपनी पर फ्रांस ने ठोका 175000 यूरो का जुर्माना, वर्कप्लेस सिस्टम में मिली बड़ी गड़बड़ी

भारत की आईटी कंपनी इन्फोसिस पर फ्रांस की सरकारी अथॉरिटी ने कर्मचारियों के वर्क टाइम रिकॉर्डिंग सिस्टम में खामियां मिलने पर €175,000 का जुर्माना लगाया है। जानिए फ्रांसीसी रेगुलेटर ने क्या कहा, कंपनी ने क्या सफाई दी और इस कार्रवाई का कारोबार पर कितना असर पड़ेगा।

 
Infosys France Fine
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Infosys France Fine: भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) को फ्रांस में नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि फ्रांस की सरकारी अथॉरिटी ने कर्मचारियों के वर्क टाइम रिकॉर्डिंग सिस्टम में कानूनी मानकों के अनुरूप खामियां मिलने पर उस पर €175,000 (1.75 लाख यूरो) का जुर्माना लगाया है। हालांकि कंपनी का कहना है कि इस कार्रवाई का उसके वित्तीय प्रदर्शन या कारोबार पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा।

फ्रांस की अथॉरिटी ने क्यों लगाया जुर्माना?

इन्फोसिस के अनुसार, फ्रांस की DRIEETS Île-de-France (Regional and Interdepartmental Directorate for the Economy, Employment, Labour and Solidarity) ने जांच के बाद कंपनी के खिलाफ आदेश जारी किया। जांच में पाया गया कि कर्मचारियों के कार्य घंटों को रिकॉर्ड करने वाला सिस्टम फ्रांस के श्रम कानूनों के अनुरूप पूरी तरह सक्षम नहीं था।

अथॉरिटी ने विशेष रूप से सिस्टम की विश्वसनीयता (Reliability), ऑडिट क्षमता (Auditability) और निगरानी व्यवस्था (Monitoring Capability) में कमियां बताईं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ श्रेणी के कर्मचारियों के कार्य घंटों का रिकॉर्ड कानूनी मानकों के अनुरूप दर्ज नहीं किया जा रहा था।

कितना लगाया गया जुर्माना?

फ्रांसीसी रेगुलेटर ने श्रम नियमों के उल्लंघन के मामले में इन्फोसिस पर €175,000 का जुर्माना लगाया है। कंपनी को इस आदेश की आधिकारिक जानकारी 24 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई।

कंपनी ने क्या दी सफाई?

इन्फोसिस ने कहा कि वह फ्रांस की अथॉरिटी के आदेश का अध्ययन कर रही है और आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कदमों पर विचार किया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस जुर्माने का उसकी वित्तीय स्थिति, परिचालन गतिविधियों या कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

सूचना देने में देरी पर भी दिया जवाब

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि आदेश मिलने के बाद पहले तथ्यों का सत्यापन और आगे की रणनीति तय करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी कारण नियामकीय सूचना जारी करने में कुछ समय लगा।

क्या है DRIEETS?

DRIEETS Île-de-France फ्रांस की सरकारी श्रम और रोजगार से जुड़ी नियामक संस्था है। यह कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों, कर्मचारियों के अधिकारों और कार्यस्थल से जुड़े नियमों के पालन की निगरानी करती है। यदि किसी कंपनी के सिस्टम या प्रक्रियाएं श्रम कानूनों के अनुरूप नहीं पाई जाती हैं, तो यह संस्था जुर्माना या अन्य नियामकीय कार्रवाई कर सकती है।

कारोबार पर असर नहीं, लेकिन अनुपालन पर बढ़े सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि जुर्माने की राशि इन्फोसिस जैसी वैश्विक कंपनी के लिए वित्तीय रूप से बड़ी नहीं है, लेकिन यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेबर लॉ कंप्लायंस (Labour Law Compliance) और वर्कफोर्स मैनेजमेंट सिस्टम की पारदर्शिता को लेकर अहम माना जा रहा है। ऐसे मामलों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों से स्थानीय श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन करने की अपेक्षा की जाती है।