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कुवैत का तेल निर्यात जीरो! क्या अब क्रूड प्राइस में आएगा बड़ा तूफान?

 
कुवैत का तेल निर्यात जीरो! क्या अब क्रूड प्राइस में आएगा बड़ा तूफान?
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New Delhi / Kuwait City : खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। टैंकर ट्रैकिंग एजेंसियों के मुताबिक, Kuwait ने अप्रैल 2026 में एक भी बैरल कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया। यदि इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह Gulf War के बाद पहली बार होगा जब कुवैत का मासिक तेल निर्यात शून्य रहा है।

उत्पादन जारी, लेकिन निर्यात ठप

रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत में तेल उत्पादन जारी है, लेकिन निर्यात नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि उत्पादित तेल का एक हिस्सा स्टोरेज में रखा जा रहा है, जबकि बाकी को रिफाइंड प्रोडक्ट्स में बदलकर भेजा जा रहा है।

निर्यात रुकने की संभावित वजहें

विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं—

- क्षेत्रीय शिपिंग रूट्स में बाधा

- Strait of Hormuz में बढ़ता तनाव

- सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियां

कतर की अपील, होर्मुज पर चेतावनी

इस बीच Qatar ने Iran से अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का पालन करने की अपील की है। कतर ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।

अमेरिका की बढ़ी सैन्य गतिविधियां

संयुक्त राज्य मध्य कमान (CENTCOM) के मुताबिक, पिछले 20 दिनों में अमेरिका ने फारसी खाड़ी में 48 जहाजों का मार्ग बदला है। वहीं USS New Orleans अरब सागर में तैनात है और हालात पर नजर बनाए हुए है।

कूटनीतिक प्रयास भी जारी

दूसरी ओर, ईरान की ओर से तनाव कम करने के संकेत भी मिले हैं। उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान के जरिए एक कूटनीतिक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाना है।

कुवैत के संभावित शून्य निर्यात और होर्मुज में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो इसका असर तेल की कीमतों और विश्व अर्थव्यवस्था पर साफ दिख सकता है।