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ईंधन संकट के बीच लुफ्थांसा का बड़ा फैसला, 20,000 फ्लाइट्स होंगी रद्द

 
ईंधन संकट के बीच लुफ्थांसा का बड़ा फैसला, 20,000 फ्लाइट्स होंगी रद्द
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New Delhi : यूएस-ईरान संघर्ष के बीच वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट गहराता जा रहा है, जिसका सीधा असर अब एविएशन सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों के चलते दुनिया की प्रमुख एयरलाइंस Lufthansa ने बड़ा कदम उठाते हुए हजारों उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है।

20 हजार उड़ानें रद्द करने की योजना

लुफ्थांसा ने घोषणा की है कि वह आगामी गर्मी के सीजन में करीब 20,000 फ्लाइट्स रद्द करेगी। कंपनी छोटे रूट्स पर परिचालन कम करने की योजना पर काम कर रही है। यह फैसला बढ़ती ऑपरेशनल लागत और ईंधन कीमतों में भारी उछाल के कारण लिया गया है।

एयरलाइन के अनुसार, जेट फ्यूल (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। इससे कंपनी की कुल क्षमता (ASK) में भले ही 1% से कम की कमी आएगी, लेकिन लागत में महत्वपूर्ण बचत होने की उम्मीद है।

रोजाना 120 उड़ानें प्रभावित

कंपनी ने बताया कि 31 मई तक हर दिन लगभग 120 उड़ानें रद्द की जा रही हैं। प्रभावित यात्रियों को सूचना भेज दी गई है और कई छोटे रूट्स को अस्थायी रूप से शेड्यूल से हटा दिया गया है।

लुफ्थांसा का अनुमान है कि इस कदम से अक्टूबर तक लगभग 40,000 मीट्रिक टन जेट फ्यूल की बचत होगी। कंपनी ने इसे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में एक जरूरी आर्थिक निर्णय बताया है।

यात्रियों पर असर

उड़ानों की कटौती से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, खासकर छोटे और क्षेत्रीय रूट्स पर। हालांकि एयरलाइन का कहना है कि यह कदम संचालन को स्थिर रखने और बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन संकट इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी इसी तरह के कड़े फैसले ले सकती हैं, जिससे वैश्विक हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है।