महंगाई के बीच मदर डेयरी का बड़ा ऐलान, जानें दूध के दाम बढ़ेंगे या नहीं ?
New Delhi : देश के कई हिस्सों में दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बीच मदर डेयरी ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल दूध के खुदरा दाम बढ़ाने की उसकी कोई योजना नहीं है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि दूध की उपलब्धता और खरीद की स्थिति सामान्य बनी हुई है, इसलिए निकट भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
गौरतलब है कि मदर डेयरी ने 14 मई को बढ़ती लागत की आंशिक भरपाई के लिए दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। लगभग एक वर्ष बाद की गई यह बढ़ोतरी उत्पादन और खरीद लागत में वृद्धि को देखते हुए लागू की गई थी।
सप्लाई और खरीद की स्थिति सामान्य
मदर डेयरी के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा कि वर्तमान में दूध की सप्लाई पर्याप्त है और किसानों से दूध की खरीद भी सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कीमत बढ़ाने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं की जा रही है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उत्पादन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होती है और संचालन खर्चों का संतुलन प्रभावित होता है, तो कंपनी कीमतों की समीक्षा कर सकती है।
दूध उत्पादन में 4-6 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद
मीनेश शाह के अनुसार, देश में दूध उत्पादन की स्थिति मजबूत बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा सामान्य से कम मानसून के पूर्वानुमान के बावजूद पशु चारे की उपलब्धता को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है। कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन अन्य राज्यों से उसकी भरपाई संभव है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में देश का कुल दूध उत्पादन पिछले वर्ष के लगभग 250 मिलियन टन के मुकाबले 4 से 6 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। साथ ही, अगले 10 से 15 वर्षों तक डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी कोई बड़ी बाधा नहीं दिखाई देती।
किसानों को मिलता है बिक्री आय का बड़ा हिस्सा
कंपनी के अनुसार, पिछले एक वर्ष में दूध खरीद लागत में लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मदर डेयरी अपनी दूध बिक्री से होने वाली आय का करीब 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा किसानों को भुगतान करती है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को उचित लाभ मिल सके।
17 प्रतिशत बढ़ा कारोबार
मदर डेयरी ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का कारोबार बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस वृद्धि का प्रमुख कारण दूध उत्पादों और खाद्य तेलों की मजबूत मांग रही।
वर्तमान में कंपनी देशभर में 9 दूध प्रसंस्करण संयंत्र और 4 बागवानी उत्पाद प्रसंस्करण इकाइयों का संचालन कर रही है। वहीं खाद्य तेल कारोबार के लिए 16 सहयोगी संयंत्रों के माध्यम से अपनी गतिविधियां संचालित करती है।
