NSE IPO: एंकर निवेशकों के लिए आज खुलेगा ₹22,569 करोड़ का IPO, उम्मीद से ज्यादा दिखी मांग
NSE IPO Anchor Investors: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO अब बाजार में दस्तक देने जा रहा है। ₹22,569 करोड़ के इस इश्यू के लिए 16 सितंबर को एंकर निवेशकों की बोली खुलेगी। NSE के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान के मुताबिक, एंकर बुक को लेकर संस्थागत निवेशकों की मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा है। आम निवेशकों के लिए IPO 17 सितंबर से खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा।
एंकर बुक में उम्मीद से ज्यादा मांग
NSE के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा है कि IPO खुलने से पहले ही बड़े घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से अच्छी मांग देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि एंकर बुक काफी बड़ी है और इसकी मांग उनकी शुरुआती उम्मीद से कहीं अधिक रही है।
एंकर बुक का आकार अब करीब ₹6,250 करोड़ रहने की उम्मीद है। पहले इसके करीब ₹9,000 करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया था। एंकर निवेशकों की अंतिम सूची और आवंटन की प्रक्रिया अभी पूरी की जा रही है। एंकर बुक IPO खुलने से पहले चुनिंदा बड़े संस्थागत निवेशकों को शेयर आवंटित करने की व्यवस्था है। इससे किसी इश्यू में संस्थागत निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी का अंदाजा मिलता है।
चौहान के मुताबिक, तय आरक्षण व्यवस्था के तहत घरेलू म्यूचुअल फंड, दूसरे घरेलू संस्थागत निवेशकों और विदेशी निवेशकों के बीच शेयरों का आवंटन करना होता है। ऐसे में इतने बड़े IPO में भी संस्थागत निवेशकों के लिए उपलब्ध शेयर सीमित हो जाते हैं।
Goldman Sachs, Franklin Templeton और Fidelity की दिलचस्पी
सूत्रों के मुताबिक, Goldman Sachs Asset Management, Franklin Templeton और Fidelity International जैसी बड़ी वैश्विक निवेश संस्थाओं ने NSE की एंकर बुक में शुरुआती दिलचस्पी दिखाई है।
एंकर बुक में मांग का यह रुझान ऐसे समय सामने आया है जब NSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल होने जा रहा है।
₹1,700 से ₹1,785 है NSE IPO का प्राइस बैंड
NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर इश्यू का आकार करीब ₹22,569 करोड़ बैठता है। इस कीमत पर NSE का अनुमानित वैल्यूएशन करीब ₹4.42 लाख करोड़ है।
IPO में कुल 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री प्रस्तावित है और यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। यानी इस इश्यू से मिलने वाली रकम NSE को नए शेयर जारी करने के जरिए नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे।
आकार के लिहाज से यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के IPO के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO होगा।
17 सितंबर से आम निवेशकों के लिए खुलेगा IPO
एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी। इसके अगले दिन यानी 17 सितंबर से आम निवेशक NSE IPO में आवेदन कर सकेंगे। इश्यू 21 सितंबर तक खुला रहेगा। NSE के IPO की लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।
NSE IPO की जानकारी विवरण
- IPO का आकार ₹22,569 करोड़ तक
- प्राइस बैंड ₹1,700–₹1,785
- एंकर बिडिंग 16 सितंबर 2026
- IPO ओपन 17 सितंबर 2026
- IPO क्लोज 21 सितंबर 2026
- प्रस्तावित लिस्टिंग 24 सितंबर 2026
- इश्यू का प्रकार Offer for Sale (OFS)
- शेयरों की संख्या 12.64 करोड़
- ऊपरी स्तर पर वैल्यूएशन करीब ₹4.42 लाख करोड़
अपने ही प्लेटफॉर्म पर NSE शेयर की ट्रेडिंग पर भी पेंच
NSE के शेयर की लिस्टिंग के बाद एक अहम सवाल यह भी रहेगा कि क्या एक्सचेंज अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों की ट्रेडिंग कर सकेगा। इसके लिए NSE को SEBI की अनुमति लेनी होगी। इससे पहले SEBI ने BSE को भी अपने प्लेटफॉर्म पर उसके शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति नहीं दी थी।
न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के मुद्दे पर चौहान ने कहा कि NSE के शेयरधारकों का आधार करीब 2 लाख होने के कारण लिस्टिंग के बाद 100 फीसदी फ्री फ्लोट रहेगा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रमुख सूचकांकों में NSE के शामिल होने पर शेयर की मांग में आगे और बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है।
बाजार में उतार-चढ़ाव पर NSE CEO ने क्या कहा?
भारतीय शेयर बाजार की हालिया चाल पर चौहान ने माना कि पिछले कुछ वर्षों में बाजार में गिरावट वाले दिन भी अधिक देखने को मिले हैं। हालांकि, उनके मुताबिक लंबी अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कोई बड़ा संशय नहीं है।
NSE का IPO करीब एक दशक से इंतजार में था। अब SEBI की मंजूरी के बाद यह इश्यू बाजार में आने की स्थिति में पहुंचा है। प्राइस बैंड, एंकर बुक में संस्थागत मांग और IPO के आकार को देखते हुए अगले कुछ दिन NSE के सार्वजनिक बाजार में प्रवेश के लिहाज से अहम होंगे।
नोट: IPO में निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के RHP, वित्तीय आंकड़ों, जोखिम कारकों और आधिकारिक एक्सचेंज/SEBI दस्तावेजों को जरूर देखना चाहिए।
