8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को बड़ी उम्मीद, उम्र के आधार पर पेंशन बढ़ाने की मांग तेज
New Delhi : 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच नई उम्मीदें जगी हैं। जहां कर्मचारी संगठन वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते (DA) में सुधार की मांग कर रहे हैं, वहीं पेंशनर्स संगठनों ने भी पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग उठाई है।
पेंशनभोगी संगठनों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और जीवन-यापन का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में पेंशन का निर्धारण केवल मौजूदा व्यवस्था के आधार पर नहीं, बल्कि आयु के अनुसार किया जाना चाहिए।
उम्र के आधार पर पेंशन बढ़ाने की मांग
पेंशनर्स संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी आयु के अनुसार अंतिम वेतन का अधिक प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाए। प्रस्तावित ढांचा इस प्रकार है:
- 65 वर्ष की आयु पर अंतिम वेतन का 70% पेंशन
- 70 वर्ष की आयु पर अंतिम वेतन का 75% पेंशन
- 75 वर्ष की आयु पर अंतिम वेतन का 80% पेंशन
- 80 वर्ष की आयु पर अंतिम वेतन का 85% पेंशन
- 85 वर्ष की आयु पर अंतिम वेतन का 90% पेंशन
- 90 वर्ष या उससे अधिक आयु पर अंतिम वेतन का 100% पेंशन
पेंशनर्स का तर्क है कि अधिक आयु में चिकित्सा और देखभाल संबंधी खर्च बढ़ जाते हैं, इसलिए उम्र के साथ पेंशन में भी क्रमिक वृद्धि होनी चाहिए।
पेंशन से जुड़ी अन्य प्रमुख मांगें
पेंशनभोगी संगठनों ने आयोग के समक्ष कई अन्य सुझाव भी रखे हैं। इनमें शामिल हैं:
- न्यूनतम पेंशन को अंतिम वेतन (Last Pay Drawn) के 67 प्रतिशत तक बढ़ाना या सेवा के अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन के बराबर करना।
- पेंशन निर्धारण में उपयोग होने वाले फिटमेंट फैक्टर की समीक्षा और संशोधन।
- महंगाई राहत (DR) की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे पेंशन संरचना में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करना।
- पारिवारिक पेंशन के दायरे और लाभों का विस्तार करना।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा लाभ
यदि 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किया जाता है, तो इसका लाभ देशभर के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 56 लाख पेंशनभोगियों को मिल सकता है। इनमें रक्षा सेवाओं, रेलवे और अन्य केंद्रीय विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं।
हालांकि, इन मांगों पर अंतिम निर्णय 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। फिलहाल कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठन आयोग के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखने में जुटे हुए हैं।
