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Petrol Diesel Price: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? तेल कंपनियों का बड़ा संकेत 

 
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मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इसके बाद इस साल की शुरुआत में कीमतें घटकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल रह गई थीं, लेकिन अब ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं।

इसका सीधा असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ रहा है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों का कहना है कि अप्रैल 2022 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि कच्चे तेल की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कंपनियों के अनुसार, पेट्रोल पर लगभग 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 35 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। पहले यह घाटा प्रतिदिन करीब 2400 करोड़ रुपये था, जो उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद भी लगभग 1600 करोड़ रुपये प्रतिदिन बना हुआ है।

सूत्रों की मानें तो तेल कंपनियां अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं और इस संबंध में सरकार के साथ बातचीत जारी है। संभावना जताई जा रही है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद, 1 मई से कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है।

अगर ऐसा होता है, तो लंबे समय से स्थिर चल रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी आम जनता के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।