डॉलर के आगे कमजोर पड़ा रुपया, एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन वाली करेंसी बना
भारतीय रुपया लगातार दबाव में बना हुआ है और इसकी गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही। बुधवार 14 मई को करेंसी मार्केट खुलते ही रुपये में बड़ी कमजोरी देखने को मिली। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 20 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले 95.86 के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।
इस गिरावट के बाद भारतीय रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में शामिल हो गया है। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया कमजोरी के साथ 95.66 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था।
क्यों टूट रहा है रुपया?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रुपये पर भारी दबाव डाल रही हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत गैस आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर पड़ रहा है।
तेल की कीमतों में उछाल से देश का आयात बिल बढ़ रहा है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ा है। इसका असर निवेशकों की धारणा पर भी देखने को मिल रहा है।
RBI कर चुका है बड़ा हस्तक्षेप
रुपये की गिरावट को रोकने के लिए Reserve Bank of India लगातार बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय बैंक अब तक अरबों डॉलर बेच चुका है ताकि रुपये को ज्यादा कमजोर होने से बचाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर RBI हस्तक्षेप नहीं करता, तो रुपये में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती थी।
शेयर बाजार में दिखी तेजी
हालांकि करेंसी बाजार में दबाव के बीच शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली।
BSE Sensex 424.44 अंक चढ़कर 75,033.42 पर पहुंच गया, जबकि NIFTY 50 141.90 अंक की बढ़त के साथ 23,554.50 पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है, जिसने वैश्विक बाजारों में भी चिंता बढ़ा दी है।
