भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 770 अंक और निफ्टी 241 अंक टूटा
Mumbai : विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। केंद्रीय बजट से पहले की सतर्कता और कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया।
बीएसई सेंसेक्स 770 अंक यानी 0.94 प्रतिशत गिरकर 81,537.70 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी-50 भी 241 अंक यानी 0.95 प्रतिशत फिसलकर 25,048.65 के स्तर पर आ गया।
गिरावट का असर
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई।
- बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत टूट गया।
- स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली बाजार में डर का साफ संकेत है।
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान
केवल एक दिन में निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 452 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले सत्र में यह 458.5 लाख करोड़ रुपये था।
आगे की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का कहना है कि एफआईआई की बिकवाली, वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और घरेलू बजट व कॉर्पोरेट नतीजों की अनिश्चितता ने मिलकर बाजार पर दबाव बनाया है। जब तक वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते और बजट को लेकर तस्वीर साफ नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
