कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बाजार सहमा, सेंसेक्स 950 अंक टूटा, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को भारी गिरावट के साथ हुई। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 959.22 अंक यानी 1.23% गिरकर 76,537.14 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 285.66 अंक यानी 1.18% टूटकर 23,892.00 पर कारोबार करता नजर आया।
इस बीच, भारतीय रुपया भी दबाव में दिखा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.07 पर पहुंच गया। बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) 4.90 अंक चढ़कर 18.29 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को 2,468.42 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और डॉलर में निवेश बढ़ा रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
किन शेयरों में रही गिरावट-बढ़त
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और पावर ग्रिड के शेयरों में कुछ बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड करीब 4% बढ़कर 125 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव की चिंताएं बढ़ गई हैं।
वैश्विक बाजार का हाल
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट में कारोबार कर रहे थे, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा।
वहीं, अमेरिकी बाजार बुधवार को मिश्रित रुख के साथ बंद हुए। विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनावों के चलते निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने से बाजार को सीमित समर्थन ही मिल पाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिरता नहीं आती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं दिखती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
