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शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, Sensex 325 अंक टूटा; Nifty 24,078 पर बंद

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार सातवें दिन गिरावट रही। सेंसेक्स 325 अंक से अधिक टूटकर 76,909.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,078.30 पर आ गया। महंगा कच्चा तेल, पश्चिम एशिया का तनाव और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड निवेशकों की चिंता की प्रमुख वजह बनी रही।

 
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Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 325 अंक से अधिक टूटकर 76,909.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 करीब 76 अंक गिरकर 24,078.30 पर आ गया।

लगातार सातवें दिन लाल निशान में बाजार

बुधवार की गिरावट के साथ निफ्टी की लगातार कमजोर प्रदर्शन की अवधि सात कारोबारी सत्र तक पहुंच गई। यह करीब 11 महीने में निफ्टी की सबसे लंबी गिरावट की श्रृंखला है। इस दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगभग 2.1 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा। रिपोर्ट के अनुसार 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। वित्तीय शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, आईटी शेयरों में कुछ सुधार ने बाजार को पूरी तरह टूटने से रोकने में मदद की।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से भी शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेशों के प्रति आकर्षण प्रभावित हुआ है।

निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर

बाजार में लगातार गिरावट के बीच अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर बनी रहेगी। इन मोर्चों पर राहत मिलने पर बाजार में सुधार की संभावना बन सकती है, जबकि तनाव बढ़ने पर उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।