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कोविड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी का शेयर बना रॉकेट, USFDA मंजूरी के बाद Wockhardt में 19% उछाल
 

USFDA से नई एंटीबायोटिक दवा Zaynich को मंजूरी मिलने के बाद वॉकहार्ट का शेयर 19% उछलकर ₹2420 के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर 75% चढ़ चुका है। कंपनी ने इसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है।

 
Wockhardt
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Wockhardt Share Price: फार्मास्यूटिकल कंपनी वॉकहार्ट (Wockhardt) के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर BSE पर इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान करीब 19 प्रतिशत उछलकर ₹2,420 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। शेयर में यह बड़ी तेजी कंपनी को US Food and Drug Administration (USFDA) से नई एंटीबायोटिक दवा Zaynich के लिए मंजूरी मिलने के बाद आई।

नई दवा को मिली USFDA मंजूरी

कंपनी ने बताया कि USFDA ने Zaynich (cefepime और zidebactam) को मंजूरी दे दी है। यह एक नई इंट्रावीनस एंटीबायोटिक दवा है, जिसका इस्तेमाल वयस्कों में जटिल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (cUTI) और pyelonephritis जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, यह दवा एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती से लड़ने में मददगार साबित हो सकती है।

एक महीने में 75% चढ़ा शेयर

वॉकहार्ट के शेयरों में पिछले एक महीने के दौरान करीब 75 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। वहीं इसी अवधि में BSE Sensex में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। नई दवा को मिली मंजूरी के बाद निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हुआ है, जिसके चलते शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली।

क्यों खास मानी जा रही है यह दवा?

कंपनी ने बताया कि अमेरिका में हर साल 28 लाख से ज्यादा एंटीमाइक्रोबियल-रेसिस्टेंट संक्रमण के मामले सामने आते हैं, जिनकी वजह से 35 हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है।

इसके अलावा अमेरिका में हर साल 6 लाख से ज्यादा लोग जटिल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (cUTI) के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं। यही वजह है कि इस दवा के लिए अमेरिका में लगभग 9 बिलियन डॉलर का बड़ा मार्केट अवसर मौजूद माना जा रहा है।

चेयरमैन हबील खोराकीवाला ने क्या कहा?

वॉकहार्ट ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हबील खोराकीवाला ने कहा कि यह मंजूरी कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे नए एंटीबायोटिक्स विकसित करना है, जो दुनिया की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला करने में मदद करें।

59 साल पुरानी है कंपनी

वॉकहार्ट की शुरुआत साल 1967 में हबील खोराकीवाला ने की थी। कंपनी आज एक ग्लोबल फार्मास्यूटिकल और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में जानी जाती है।

कंपनी फॉर्मूलेशन, बायोफार्मास्यूटिकल्स और वैक्सीन जैसे क्षेत्रों में काम करती है। वॉकहार्ट अमेरिका और यूरोप के बाहर पहली ऐसी कंपनी रही है, जिसने रिकॉम्बिनेंट ह्यूमन इंसुलिन का निर्माण किया।

कोविड वैक्सीन निर्माण में भी निभाई बड़ी भूमिका

COVID-19 महामारी के दौरान वॉकहार्ट ने यूनाइटेड किंगडम सरकार के साथ समझौता किया था। इसके तहत कंपनी ने वेल्स स्थित अपनी फैक्ट्री में Oxford-AstraZeneca वैक्सीन की फिलिंग और फिनिशिंग का काम किया था।

इसके अलावा अगस्त 2021 में कंपनी ने दुबई की Enso Healthcare और रूस की Human Vaccine LLC के साथ समझौता कर भारत में Sputnik V और Sputnik Light वैक्सीन के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग की घोषणा की थी।

निवेशकों की नजर अब आगे की रणनीति पर

विशेषज्ञों का मानना है कि नई दवा को मिली मंजूरी के बाद कंपनी की ग्लोबल मार्केट में पकड़ और मजबूत हो सकती है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगामी रणनीतियों और दवा की व्यावसायिक सफलता पर टिकी हुई है।

Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।