सोना नहीं, अब चांदी बनेगी निवेशकों की पहली पसंद? जानिए क्यों बाजार में मचा है शोर
New Delhi : भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों का रुझान तेजी से सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। इस दौर में सबसे ज्यादा चमक जिन निवेश विकल्पों में देखने को मिल रही है, वे हैं सोना और चांदी। हालांकि बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में असली खेल सोने में नहीं, बल्कि चांदी में देखने को मिल सकता है।
क्यों सोने से आगे निकल सकती है चांदी?
प्रसिद्ध वित्तीय लेखक और निवेश विशेषज्ञ रॉबर्ट कियोस्की ने चांदी को लेकर बड़ा दावा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा कि मौजूदा तकनीकी युग में चांदी का महत्व सोने से भी ज्यादा हो चुका है।
कियोस्की के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों ही सदियों से मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं, लेकिन आज के दौर में चांदी की भूमिका वैसी ही हो गई है जैसी औद्योगिक युग में लोहे की थी। यानी चांदी अब सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजी की रीढ़ बनती जा रही है।
उन्होंने बताया कि साल 1990 में चांदी की कीमत करीब 5 डॉलर प्रति औंस थी, जो 2026 तक बढ़कर लगभग 92 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है। कियोस्की का मानना है कि अगर उनका अनुमान सही रहा तो 2026 में चांदी के दाम 200 डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच सकते हैं।
चांदी की कीमतों में तेजी की बड़ी वजहें
चांदी की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं—
- सुरक्षित निवेश के तौर पर चांदी की बढ़ती मांग
- सीमित सप्लाई और लगातार घटता स्टॉक
- सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, AI सर्वर और हाई-टेक इंडस्ट्री में बढ़ता इस्तेमाल
- भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में डर का माहौल
- भारतीय रुपये की कमजोरी, जिससे आयातित धातुएं महंगी हो रही हैं
कहां पहुंची कीमतें?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है, जबकि घरेलू बाजार में यह 3.34 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू चुकी है। खास बात यह है कि बीते नौ दिनों से लगातार चांदी में तेजी दर्ज की जा रही है।
वहीं, सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बना हुआ है। MCX पर 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए 1.51 लाख रुपये के पार निकल चुका है और विशेषज्ञों को इसमें भी आगे मजबूती की उम्मीद है।
निवेशकों में बढ़ती चर्चा
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी, सिर्फ रिटर्न के लिहाज से ही नहीं बल्कि रणनीतिक निवेश के तौर पर भी सोने से ज्यादा आकर्षक विकल्प साबित हो सकती है। ऐसे में निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि अगली बड़ी छलांग सोने में नहीं, बल्कि चांदी में देखने को मिलेगी।
