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Stock Market Crash: ईरान-US तनाव से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 760 अंक टूटा, IT शेयरों में भारी बिकवाली

ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और IT शेयरों में भारी बिकवाली के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 760 अंक टूटा जबकि निफ्टी 23,300 के नीचे फिसल गया। निवेशकों में बढ़ी घबराहट के बीच RBI नीति बैठक पर भी बाजार की नजर टिकी है।
 
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Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और IT शेयरों में जोरदार बिकवाली के चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 760 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23,300 के नीचे फिसल गया।

बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 763.45 अंक यानी 1.02 प्रतिशत टूटकर 73,886.39 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 213.75 अंक यानी 0.91 प्रतिशत गिरकर 23,269.80 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में चौतरफा बिकवाली का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दिखाई दिया।

रुपया भी दबाव में, निवेशकों की चिंता बढ़ी

शेयर बाजार में कमजोरी के बीच भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले टूट गया। रुपया 0.2 प्रतिशत गिरकर 95.4475 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले इसका बंद स्तर 95.2650 था। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला। वहीं बाजार में डर का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 8.22 प्रतिशत उछल गया, जो निवेशकों की बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है।

ईरान-अमेरिका तनाव बना गिरावट की सबसे बड़ी वजह

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के कारण बाजार में तेजी देखी जा रही थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंता फिर बढ़ा दी है।

अमेरिकी सेना की ओर से दावा किया गया कि ईरान की तरफ से बहरीन, कुवैत और अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों को नाकाम कर दिया गया। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई।  यदि ईरान-अमेरिका के बीच हालात और बिगड़ते हैं, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ा दबाव

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी साफ दिखा। ब्रेंट क्रूड 0.88 प्रतिशत बढ़कर 96.84 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 0.95 प्रतिशत बढ़कर 94.65 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन, उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ती है, जिसका असर महंगाई और कंपनियों की कमाई पर पड़ता है।

IT शेयरों में मुनाफावसूली, बाजार पर पड़ा भारी असर

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार को सहारा देने वाले IT शेयरों में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में आ गया।

निफ्टी IT इंडेक्स 3.78 प्रतिशत टूट गया। सेंसेक्स में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सबसे बड़ा गिरने वाला शेयर रहा। कंपनी का शेयर 5.73 प्रतिशत टूट गया।

इसके अलावा टेक महिंद्रा 3.31 प्रतिशत, इंफोसिस 2.99 प्रतिशत और HCL टेक्नोलॉजीज 2.67 प्रतिशत गिर गए। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक AI खर्च और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण IT शेयरों में हालिया तेजी आई थी, लेकिन अब निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली और RBI नीति पर नजर

बाजार की नजर अब विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और भारतीय रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी है। 5 जून को RBI की नीति बैठक होनी है, जिसमें ब्याज दरों और आर्थिक स्थिति को लेकर अहम संकेत मिल सकते हैं।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भारत पर ऊर्जा संकट का दबाव फिर बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि रुपये में कमजोरी, चालू खाते का बढ़ता घाटा और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता का विषय बने हुए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों में मजबूत आय अनुमान के कारण बाजार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि भारत में FY27 के दौरान कमाई की वृद्धि अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती है।

सेंसेक्स के टॉप लूजर्स बने IT शेयर

बुधवार को सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में TCS, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और HCL टेक शामिल रहे। इसके अलावा ITC, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, SBI, बजाज फाइनेंस और NTPC में भी दबाव देखा गया। हालांकि कुछ शेयर गिरते बाजार में भी संभले रहे। अदाणी पोर्ट्स 1.04 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो IT सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इसके बाद रियल्टी, मीडिया और PSU बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।
निफ्टी IT इंडेक्स 3.78 प्रतिशत टूटा, जबकि रियल्टी इंडेक्स 1.38 प्रतिशत और मीडिया इंडेक्स 1.16 प्रतिशत गिर गया। बैंकिंग और FMCG शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा।

अब बाजार की नजर इन बड़े फैक्टर्स पर

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और RBI की नीति पर निर्भर करेगी। यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है और कूटनीतिक समाधान निकलता है, तो बाजार को राहत मिल सकती है। लेकिन अगर हालात और बिगड़ते हैं या तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।