शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बढ़त, निफ्टी 23 हजार के पार बंद; IT और फार्मा शेयरों में तेजी
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 308 अंक चढ़कर 74,459 पर और निफ्टी 116 अंक की तेजी के साथ 23,053 पर पहुंचा। आईटी और फार्मा शेयरों में तेजी रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 308 अंक उछलकर 74,459.53 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 116 अंक की तेजी के साथ 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के बावजूद बाजार में बिकवाली का दबाव भी देखने को मिला। आईटी और फार्मा शेयरों में तेजी रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी रही तेजी?
शुक्रवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 74,742.59 का ऊंचा स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी भी 181.35 अंक या 0.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,118.10 तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में बाजार की तेजी कुछ कम हुई।
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,459.53 पर बंद हुआ। निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़कर 23,053.10 के स्तर पर रहा।
शुक्रवार को बाजार में 1,233 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,788 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, 146 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
IT और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी और फार्मा शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि फार्मा इंडेक्स 1.7 प्रतिशत चढ़ा।
दूसरी ओर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, निफ्टी बैंक, पीएसयू बैंक और एफएमसीजी सेक्टर भी करीब 0.5 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
निफ्टी में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और सन फार्मा सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
वहीं, अडानी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
बाजार की तेजी के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव का असर
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भी निवेशकों की चिंता का कारण बनी रही। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत चढ़कर 117 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की चिंता जताई जा रही है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, महंगाई को लेकर बनी चिंताओं के कारण इक्विटी बाजार पर दबाव रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साथ यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान ने भी ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से जुड़ी खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इससे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली बढ़ी। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी और फार्मा व हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूती से बड़े शेयरों को कुछ सहारा मिला।
डिस्क्लेमर: इस खबर में शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी दी गई है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
