शेयर बाजार में जोरदार वापसी, निवेशकों की लौटी उम्मीद
Mumbai : भारत के शेयर बाजार में बुधवार, 1 अप्रैल के कारोबारी सत्र में जोरदार तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में मजबूत रिकवरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर बढ़ता नजर आया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी को लेकर अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।
ग्लोबल संकेतों से बाजार को मिला सहारा
वैश्विक स्तर पर हालात में सुधार के संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए कि ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकती है। इससे लंबे समय तक संकट बने रहने की आशंका कम हुई है और मध्य-पूर्व क्षेत्र में पैदा हुई अनिश्चितता पर भी कुछ हद तक लगाम लगने की उम्मीद बढ़ी है।
इन सकारात्मक संकेतों का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिला। एशियाई बाजारों में बढ़त दर्ज की गई, वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर करीब 105 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
अस्थिरता में कमी, फिर भी सावधानी जरूरी
बाजार में तेजी के साथ अस्थिरता में भी कमी आई है। बाजार की वोलैटिलिटी को मापने वाला India VIX करीब 10 प्रतिशत गिरकर 25 के आसपास पहुंच गया है। आमतौर पर कम वोलैटिलिटी को निवेशकों के बढ़ते भरोसे और बाजार में स्थिरता का संकेत माना जाता है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी को अभी पूरी तरह मजबूत बुल रन मानना जल्दबाजी होगी। आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
वैल्यू बाइंग से बढ़ी बाजार की रफ्तार
हाल के दिनों में आई गिरावट को कई निवेशकों ने खरीदारी के मौके के रूप में लिया। जिन सेक्टरों में पहले ज्यादा गिरावट आई थी, उनमें निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई, जिसका असर पूरे बाजार पर देखने को मिला। बुधवार को लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में खुले। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की, जो बाजार की मजबूत वापसी का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को आगे की रणनीति बनाते समय वैश्विक घटनाक्रम और तेल कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
