एन चंद्रशेखरन के बाद कौन संभालेगा Tata Group की कमान? क्यों चर्चा में नाम टीवी नरेंद्रन का नाम
टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ेंगे। उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। टाटा स्टील के सीईओ टीवी नरेंद्रन का नाम संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है। जानिए उनकी प्रोफाइल, अनुभव और टाटा ग्रुप की अगली चुनौती।
नई दिल्ली। टाटा ग्रुप में अगले साल होने वाले बड़े नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कारोबारी जगत की नजरें अब उत्तराधिकारी की तलाश पर टिक गई हैं। टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने साफ कर दिया है कि उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होने के बाद वह दोबारा चेयरमैन पद के लिए अपना नाम आगे नहीं रखेंगे। इसके साथ ही देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक टाटा ग्रुप की कमान किसे मिलेगी, इस पर चर्चा तेज हो गई है।
इसी बीच टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन का नाम संभावित उत्तराधिकारियों में सामने आया है। हालांकि, अभी उनके नाम पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। टाटा ग्रुप के अगले चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसमें अन्य नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
क्यों शुरू हुई टाटा ग्रुप में उत्तराधिकारी की तलाश?
एन चंद्रशेखरन ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद पद छोड़ने का फैसला ऐसे समय में किया है, जब टाटा ग्रुप कई बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। चंद्रशेखरन ने अपने फैसले के पीछे नेतृत्व में समय रहते स्पष्टता और अगले प्रमुख को पर्याप्त संक्रमण समय देने की जरूरत को अहम बताया है।
उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 तक है। टाटा सन्स के आधिकारिक दस्तावेज में भी 21 फरवरी 2022 से 20 फरवरी 2027 तक उनके कार्यकाल का उल्लेख है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि उनके बाद टाटा सन्स की कमान किसे सौंपी जाएगी।
टीवी नरेंद्रन का नाम क्यों आया सामने?
टीवी नरेंद्रन टाटा ग्रुप के सबसे अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। वह फिलहाल टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं और करीब चार दशक से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए हैं।
नरेंद्रन ने 1988 में टाटा स्टील से अपने करियर की शुरुआत की थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई एनआईटी त्रिची से करने के बाद उन्होंने आईआईएम कलकत्ता से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। अपने लंबे करियर में उन्होंने सेल्स, मार्केटिंग, इंटरनेशनल बिजनेस और कंपनी मैनेजमेंट से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है।
थाईलैंड में भी उन्होंने टाटा स्टील के कारोबार की जिम्मेदारी संभाली और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजार में समूह के विस्तार से जुड़े काम किए।
टाटा स्टील को संभालने का लंबा अनुभव
नरेंद्रन के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनका लंबा टाटा एक्सपीरिएंस माना जा रहा है। उन्होंने ऐसे समय में टाटा स्टील का नेतृत्व किया, जब स्टील कारोबार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों से गुजर रहा था।
कर्ज, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और यूरोपीय कारोबार से जुड़ी चुनौतियों के बीच टाटा स्टील को आगे बढ़ाना आसान नहीं था। नरेंद्रन के नेतृत्व में कंपनी ने लागत नियंत्रण, कर्ज घटाने और बेहतर मार्जिन वाले उत्पादों पर ध्यान बढ़ाने की दिशा में काम किया।
यही अनुभव उन्हें टाटा ग्रुप जैसे बड़े और विविध कारोबारी समूह के नेतृत्व की संभावित दौड़ में मजबूत नाम बनाता है।
क्या सिर्फ TV नरेंद्रन ही हैं दावेदार?
नहीं। फिलहाल नरेंद्रन को अगला चेयरमैन मान लेना जल्दबाजी होगी। मीडिया रिपोर्टों में नोएल टाटा, टीवी नरेंद्रन और कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम संभावित विकल्पों के तौर पर चर्चा में हैं। हालांकि, टाटा सन्स ने अभी अगले चेयरमैन के नाम की घोषणा नहीं की है।
टाटा ट्रस्ट्स ने भी उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए चयन समिति बनाने की दिशा में कदम उठाया है। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा सन्स में नियंत्रक हिस्सेदारी है, इसलिए उत्तराधिकार का फैसला समूह के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
नोएल टाटा की भूमिका भी अहम
इस पूरी प्रक्रिया में नोएल टाटा की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं और टाटा सन्स में ट्रस्ट्स की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया में उनकी भूमिका पर कारोबारी जगत की नजर है।
इसलिए आने वाले महीनों में टाटा ग्रुप के भीतर होने वाली बोर्ड और ट्रस्ट्स से जुड़ी बैठकों पर खास नजर रहेगी।
अगले चेयरमैन के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
टाटा सन्स के चेयरमैन की जिम्मेदारी केवल एक कंपनी चलाने तक सीमित नहीं है। टाटा ग्रुप के ऑटोमोबाइल, आईटी, स्टील, एयरलाइन, रिटेल, पावर, इलेक्ट्रॉनिक्स और वित्तीय सेवाओं जैसे कई बड़े कारोबार हैं।
ऐसे में नए चेयरमैन को एक साथ कई मोर्चों पर फैसले लेने होंगे। एयर इंडिया का विस्तार, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में निवेश, टाटा कैपिटल की रणनीति और टीसीएस जैसी प्रमुख कंपनियों की ग्रोथ आने वाले वर्षों में अहम मुद्दे रहेंगे। इसके अलावा टाटा सन्स की भविष्य की रणनीति, पूंजी आवंटन और समूह की कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल भी नए नेतृत्व के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी।
क्या टाटा की कमान TV नरेंद्रन को मिलेगी?
फिलहाल इसका जवाब नहीं दिया जा सकता। नरेंद्रन का अनुभव और टाटा ग्रुप के साथ उनका लंबा जुड़ाव उन्हें मजबूत संभावित उम्मीदवार जरूर बनाता है, लेकिन उत्तराधिकारी का अंतिम फैसला अभी बाकी है।
चंद्रशेखरन के जाने की घोषणा के बाद अब टाटा ग्रुप में असली कहानी अगले चेयरमैन की तलाश की है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि टाटा की कमान किसी अनुभवी अंदरूनी चेहरे को मिलती है या समूह नेतृत्व के लिए कोई नया नाम सामने आता है।
