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AI के दौर में किसकी रहेगी नौकरी? Zoho के Sridhar Vembu ने बताईं काम आने वाली 3 खास स्किल्स

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच Zoho CEO श्रीधर वेम्बू ने बताया है कि भविष्य में किन लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। जानें उनकी बताई तीन मेटा-लेवल स्किल्स क्या हैं और AI से बेहतर काम कैसे लिया जा सकता है।

 
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल काम को आसान बनाने वाला टूल नहीं रह गया है, बल्कि ऑफिस में कर्मचारियों की काम करने की क्षमता और उत्पादकता को भी बदल रहा है। Zoho के CEO श्रीधर वेम्बू का कहना है कि कंप्यूटर पर होने वाले कई कामों में AI की मदद से एक कुशल व्यक्ति 10 लोगों के बराबर काम कर सकता है। हालांकि, इसके लिए सिर्फ AI टूल इस्तेमाल करना काफी नहीं है। व्यक्ति में कुछ ऐसी क्षमताएं होनी चाहिए, जिनकी मदद से वह AI को सही दिशा दे सके और उसके काम पर नजर रख सके। वेम्बू ने इन्हें 'मेटा-लेवल स्किल्स' बताया है।

AI इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों की बढ़ रही जिम्मेदारी

श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर AI के बढ़ते इस्तेमाल और ऑफिस में इसके प्रभाव को लेकर चर्चा की। इस दौरान सिंधु हरिहरन नाम की एक यूजर ने बताया कि जो कर्मचारी अपने रोजमर्रा के काम में AI को शामिल कर रहे हैं, वे तेजी से काम पूरा करने के साथ अधिक जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं।

उनके मुताबिक, AI की मदद से ज्यादा काम करने में सक्षम कर्मचारी अक्सर अतिरिक्त जिम्मेदारियां ले रहे हैं। वहीं, जो कर्मचारी उत्पादकता बढ़ाने के लिए AI टूल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, वे पहले की तरह धीमी गति से काम कर रहे हैं।

इस पर वेम्बू ने सहमति जताते हुए बताया कि AI से बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए इंसान की कुछ बुनियादी क्षमताएं जरूरी हैं।

क्या हैं 'Meta-Level Skills'?

श्रीधर वेम्बू के मुताबिक, AI से अधिकतम फायदा उठाने के लिए व्यक्ति में तीन प्रमुख क्षमताएं होनी चाहिए। पहली, उसे यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह AI से क्या काम करवाना चाहता है। इसके लिए अपने लक्ष्य और जरूरतों को ठीक से समझना जरूरी है।

दूसरी क्षमता किसी बड़ी और जटिल समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की है। ऐसा करने से AI को काम समझाना और उससे अपेक्षित नतीजे हासिल करना आसान हो जाता है।

तीसरी और अहम क्षमता AI के काम पर नजर रखना है। वेम्बू के अनुसार, AI कई बार दिए गए निर्देशों से भटक सकता है। ऐसे में इंसान को उसकी गलती पहचानकर उसे सही दिशा में वापस लाने में सक्षम होना चाहिए।

वेम्बू ने इन क्षमताओं को 'मेटा-लेवल स्किल्स' कहा और इसकी तुलना सिस्टम आर्किटेक्ट की विशेषज्ञता से की। उनका कहना है कि इन कौशलों वाले लोगों की उत्पादकता AI की मदद से काफी बढ़ सकती है।

AI से काम करने वालों और पारंपरिक तरीके अपनाने वालों के बीच बढ़ेगा अंतर?

AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑफिस में काम करने के तरीकों में बदलाव दिखाई दे रहा है। एक तरफ ऐसे कर्मचारी हैं, जो AI की मदद से कम समय में ज्यादा काम कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ वे लोग हैं, जो अब भी पारंपरिक तरीकों से काम कर रहे हैं।

वेम्बू की बातों से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में केवल तकनीक का इस्तेमाल जानना पर्याप्त नहीं होगा। AI को सही निर्देश देना, समस्याओं को समझना और उसके नतीजों की जांच करना भी उतना ही जरूरी होगा।

उनके मुताबिक, AI की क्षमता का सही इस्तेमाल करने के लिए इंसानी समझ और निगरानी की भूमिका बनी रहेगी। ऐसे में जो कर्मचारी इन क्षमताओं को विकसित करेंगे, वे AI के दौर में अपनी उत्पादकता बढ़ाने में बेहतर स्थिति में हो सकते हैं।