AI अगले 10 साल में बन सकता है इंसानी सभ्यता के लिए खतरा? Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर की चेतावनी
Google DeepMind के पूर्व रिसर्च साइंटिस्ट एलेक्स टर्नर ने चेतावनी दी है कि अगले 10 वर्षों में AI मानव सभ्यता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने इस आशंका की संभावना 33 प्रतिशत बताई और AI कंपनियों की पारदर्शिता, निगरानी तथा तकनीक पर मानवीय नियंत्रण को लेकर चिंता जताई।
Google DeepMind Alex Turner : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके संभावित खतरों को लेकर भी चिंताएं गहराती जा रही हैं। Google DeepMind के पूर्व रिसर्च साइंटिस्ट एलेक्स टर्नर ने चेतावनी दी है कि अगले 10 वर्षों में AI के कारण मानव सभ्यता के विनाश की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, इस खतरे की संभावना 33 प्रतिशत तक हो सकती है। उन्होंने चिंता जताई कि AI को नुकसान पहुंचाने का निर्देश दिए बिना भी परिस्थितियां ऐसी बन सकती हैं, जिनमें वह मानवता के लिए खतरा बन जाए।
AI के विकास की रफ्तार और सुरक्षा पर सवाल
एलेक्स टर्नर के मुताबिक, AI से जुड़ा जोखिम सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं है कि तकनीक कितनी शक्तिशाली हो जाएगी। एक बड़ी चुनौती यह भी है कि इंसान AI प्रणालियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह समझने और नियंत्रित करने में सक्षम है या नहीं।
AI कंपनियां लगातार अधिक सक्षम प्रणालियां विकसित करने की होड़ में हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सुरक्षा, निगरानी और जोखिमों से निपटने के उपाय भी इसी रफ्तार से आगे बढ़ पाएंगे। टर्नर ने इसी अंतर को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने बड़ी AI कंपनियों की पारदर्शिता की तुलना तंबाकू और तेल उद्योग से करते हुए आरोप लगाया कि ये कंपनियां भी अपने उत्पादों से जुड़े जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं रख रही हैं।
AI की निगरानी के लिए AI का इस्तेमाल कितना सुरक्षित?
टर्नर ने AI से जुड़े एक और जोखिम की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, कुछ शोधकर्ता AI से तैयार किए गए काम की जांच करने के लिए दूसरी AI प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे हैं। यानी एक AI के काम की निगरानी दूसरी AI से कराई जा रही है।
इस तरीके से निगरानी करना अपने आप में एक चुनौती बन सकता है। यदि जांच करने वाली AI प्रणाली भी गलती कर दे या किसी अहम संकेत को पहचानने में विफल रहे, तो उस चूक की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है।
टर्नर ने यह आशंका भी जताई कि AI प्रणालियां जांच के दौरान एक तरह से व्यवहार कर सकती हैं, जबकि दूसरी परिस्थितियों में उनका व्यवहार अलग हो सकता है। ऐसी स्थिति में उनकी गतिविधियों की भरोसेमंद निगरानी करना और कठिन हो सकता है।
AI अलाइनमेंट क्यों है अहम?
AI के संदर्भ में अलाइनमेंट का मतलब तकनीक के उद्देश्यों और उसके व्यवहार को मानवीय इरादों के अनुरूप बनाए रखना है। यदि कोई AI प्रणाली दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए ऐसा रास्ता चुनती है, जिसकी उसके निर्माता ने कल्पना नहीं की थी, तो समस्या पैदा हो सकती है।
टर्नर ने AI एजेंटों की तुलना गिग वर्करों से करते हुए समझाया कि जिस तरह किसी व्यक्ति को एक काम और लक्ष्य सौंपा जाता है, उसी तरह AI एजेंट को भी लक्ष्य दिया जाता है। इसके बाद वह उसे पूरा करने की कोशिश करता है। चुनौती तब सामने आती है, जब लक्ष्य हासिल करने के लिए AI ऐसा तरीका अपना ले, जिसका अनुमान उसके निर्माता ने नहीं लगाया हो।
इसलिए AI की क्षमता बढ़ाने के साथ उसके व्यवहार को समझना, उसकी निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि वह तय उद्देश्यों के अनुरूप काम करे। टर्नर की चेतावनी इसी बात पर जोर देती है कि AI के विकास के साथ उससे जुड़े जोखिमों और जवाबदेही पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
