RBI के नाम पर WhatsApp स्कैम से सावधान! एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता, सरकार ने जारी किया अलर्ट
अगर आपके व्हाट्सऐप पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से कोई संदेश आया है, तो सतर्क हो जाइए। केंद्र सरकार ने लोगों को ऐसे फर्जी संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी है। साइबर ठग अब RBI जैसी भरोसेमंद संस्थाओं का नाम और लोगो इस्तेमाल कर लोगों की निजी एवं बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं।
APK फाइल के जरिए बनाया जा रहा शिकार
साइबर अपराधी व्हाट्सऐप पर RBI के नाम से संदेश भेज रहे हैं, जिसमें एक APK फाइल भी शामिल होती है। ठग अपनी प्रोफाइल फोटो में RBI का लोगो लगाकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
मैसेज में दावा किया जाता है कि संबंधित व्यक्ति का बैंक खाता संदिग्ध लेनदेन में शामिल पाया गया है और यदि तीन दिनों के भीतर जरूरी जानकारी नहीं दी गई तो उसका खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके साथ ही लोगों से बैंकिंग और वित्तीय जानकारी साझा करने के लिए कहा जाता है।
PIB Fact Check ने बताया फर्जी
सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस संदेश को पूरी तरह फर्जी बताया है। एजेंसी के अनुसार, साइबर ठग ऐसे संदेशों के माध्यम से लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
RBI PHISHING SCAM ‼️
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 11, 2026
Did you also receive a #WhatsApp message in the name of RBI, along with an APK file , alleging that your bank account is linked to suspicious transactions and asking for financial details to avoid account blockage ❓
#PIBFactCheck:
❌ This message is… pic.twitter.com/XoA4lBaVo8
PIB ने स्पष्ट किया है कि RBI केवल दो ब्लू टिक वाले आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबरों 99309 91935 और 99990 41935 के माध्यम से ही संवाद करता है। किसी अन्य नंबर से आने वाले संदेशों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
ऐसे रहें सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार, व्हाट्सऐप, SMS और ईमेल के जरिए इस तरह के साइबर फ्रॉड लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कुछ सावधानियां अपनाकर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है—
किसी भी अनजान नंबर से भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
अपनी बैंकिंग, OTP, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
मोबाइल फोन और बैंकिंग ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें।
किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही करें।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अक्सर लोगों में डर पैदा करके जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी सत्यता जांचना जरूरी है। यदि ऐसा कोई संदेश प्राप्त होता है तो उसे रिपोर्ट करें और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करें।
